सरगुजा -ऐसे तो स्कूलों में कान पड़कर उठक बैठक करने की सजा टीचर बच्चों को देते हैं .लेकिन एक स्कूल परिसर में टीचर ही बच्चों के सामने कान पड़कर उठक बैठक करता माफी मांग रहा है और कह रहा है मैं अपनी गलती स्वीकार कर रहा हूं..

दरअसल यह मामला सरगुजा जिले के मैनपाट ब्लॉक वंदना प्राइमरी स्कूल का है यहां कार्यरत शिक्षक राम प्रताप सिंह बच्चों को पढ़ाने की जगह शराब के नशे स्कूल पहुंच गया. बच्चों ने जब शिक्षक की हालत देखी तो कुछ ने अपने परिजनों को बताया और देखते ही देखते वहां ग्रामीण हो कि भिड़े लग गई तब टिल्ली नजर आए शिक्षक की स्थानीय पत्रकारों को जानकारी दी गई. ने खुद कबूल किया उसने सिर्फ ₹20 में आधा गिलास देसी शराब पी है ,इतना ही नहीं गलती मानते हुए उसने स्कूल परिसर में सभी के सामने उठक बैठक लगानी शुरू कर दी स्कूल में उसे समय पहले से पांचवी तक के बच्चे मौजूद थे हेड मास्टर छुट्टी पर थी और एक अन्य शिक्षक भी स्कूल नहीं आया था..
गांववालों ने लोकल पत्रकारों को बताया कि एक प्राइमरी स्कूल का टीचर स्कूल में बच्चों की जिम्मेदारी संभालते समय नशे में था। ढंग से बातचीत भी नहीं कर पा रहा था। जब पत्रकार स्कूल पहुंचे, तो टीचर राज प्रताप सिंह ने शराब पीने की बात मान ली।टीचर ने कहा कि उसने सिर्फ 20 रुपए की आधी गिलास देसी शराब पी थी। टीचर ने अपनी गलती मानी। खुद को सजा देने के लिए उठक-बैठक करने लगा। प्राइमरी स्कूल में 60 से ज़्यादा छात्र हैं। हालांकि, शुक्रवार को अटेंडेंस कम थी।
मैनपाट बीईओ योगेश शाही ने कहा कि, ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। ऐसे शिक्षक विभाग में हैं तो यह अच्छा संदेश नहीं जाता है। वीडियो में शिक्षक स्वीकार करते दिख रहा है कि उसने शराब का सेवन किया है। निश्चित ही उस पर कार्रवाई होगी।बीईओ शाही ने बताया कि, पहले भी शिक्षक के शराब पीने की शिकायत मिली थी, उसे नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद वह सुधर गया था। सीएससी से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
dhबता दे कि इसके पहले धमतरी जिले के एक स्कूल में शराब की नशे में मैं दूध होकर एक टीचर स्कूल पहुंचा था. वहां वह खुद को सस्पेंड करने की मांग करते हुए कह रहा था मुझे सस्पेंड कर दो . मैं सस्पेंड होना चाहता हूं . आधा वेतन मिलेगा तो घर में बैठकर ही नौकरी करूंगा . जिसका वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बनाकर वायरल कर दिया था.
हालांकि छत्तीसगढ़ में विद्या के पवित्र मंदिरों में शिक्षकों का शराब पीकर आना कोई नई बात नहीं है .इस तरह के और कई मामले सामने आ चुके हैं.. शिक्षा मंत्री यादव ने मंत्री की शपथ लेने के कुछ दिन के बाद ही कहा था .कि स्कूलों में शराब पीकर आने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. लेकिन उनके द्वारा कही गई बातों का टिल्ली शिक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है.. सरगुजा से वीसीन टाइम्स की रिपोर्ट..

