।छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से करीब 170 दिन बाद रिहा हो गए हैं। चैतन्य बघेल जेल से अपने घर के लिए जा रहे हैं हैं, लेकिन सड़क पर भीड़ से ट्रैफिक जाम हो गया है।

जेल से रिहाई के बाद चैतन्य बघेल ने कहा कि न्यायालय का बहुत बहुत धन्यवाद। आप सभी का भी शुक्रिया। मामला कोर्ट में है तो इसमें कुछ बोलना उचित नहीं है। यह मामला न्यायिक समीक्षा के अधीन है। हमारे समर्थकों का भी धन्यवाद।
चैतन्य की रिहाई से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जाहिर की है भूपेश बघेल ने कहा कि आज चैतन्य रिहा हो गया है हम सब बहुत खुश है भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 18 जुलाई को चैतन्य को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था। आज पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है।पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। सत्य परेशान हो सकता है। पराजित नहीं हो सकता। इस दौरान समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर कार से भूपेश बघेल अपने बेटे चैतन्य को रिसीव करने खुद कार चलाकर पहुंचे हैं।

आपको बता दे ED ने चैतन्य को पिछले साल जुलाई में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था, जबकि भ्रष्टाचार के मामले में सितंबर में ACB ने उन्हें तब गिरफ्तार किया जब वे पहले से ही जेल में थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला।इसके अलावा ACB का दावा है कि चैतन्य बघेल को हिस्से के तौर पर 200 से 250 करोड़ रुपए मिले और इस पूरे घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। इतने बड़े घोटाले का आरोप लगने के बाद भी शुक्रवार को कोर्ट ने इस मामले में जमानत देने का फैसला सुना दिया


