हिन्दू राष्ट्र निर्माण यात्रा कार्यक्रम के तहत रायपुर प्रवास पर आए शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती पुरी शंकराचार्य जी ने कहा कि यह संघ की लाचारी है कि उनके पास गुरु, गोविंद और ग्रंथ का बल नहीं है। RSS अगर एक भी ग्रंथ अपना लेता तो उसे ग्रंथ बल मिल जाता, इसके बिना उसका स्थान बहुत छोटा है।
उन्होंने कहा कि हिंदू हैं, तभी तक सारी कौम सुरक्षित हैं। अगर हिंदू नहीं रहेंगे, तो इन्हें मार-काट कर भगा दिया जाएगा। हालांकि हिन्दू जब तक पेट और परिवार में ही सीमित रहेगा उनकी दुर्दशा यही होगी। सेवा, सम्मान और संघ का बल होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हिंदू हैं, तभी तक सारी कौम सुरक्षित हैं। अगर हिंदू नहीं रहेंगे, तो इन्हें मार-काट कर भगा दिया जाएगा। हालांकि हिन्दू जब तक पेट और परिवार में ही सीमित रहेगा उनकी दुर्दशा यही होगी। सेवा, सम्मान और संघ का बल होना जरूरी है।
राजधानी रायपुर रावाभांठा स्थित शंकराचार्य आश्रम में पुरी शंकराचार्य 30 दिसंबर तक रहेंगे। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद वे 31 दिसंबर को शाम पांच बजे में रेलमार्ग से ओडिशा रवाना होंगे। पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती हिन्दू राष्ट्र निर्माण यात्रा कार्यक्रम के तहत रायपुर प्रवास पर हैं।
3 महीने पहले अंबिकापुर में पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने पीएम मोद को गौ-हत्या के एजेंट बताया था। उन्होंने कहा था कि, गौ-रक्षा के नाम पर प्रधानमंत्री बने, प्रधानमंत्री बनने के बाद वे गौ रक्षकों को गुंडा कहते हैं।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे, लेकिन मर्यादा का ज्ञान नहीं रखते हैं। उन्होंने अमर्यादित ढंग से रामलला के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की। इस कारण से वे गिर भी रहे हैं। जहां-जहां राम गए, वहां भाजपा साफ हो गई। जय श्री राम कहना भूल गए। पहले मोदी की गारंटी कहते थे, अब नीतीश-नायडू की बैसाखी पर हैं।
बिलासपुर में कहा था, रामजी ने मोदी का भट्ठा बैठा दिया
अक्टूबर महीने में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती बिलासपुर दौरे पर थे। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा ने ये कभी नहीं कहा कि वो हिन्दू राष्ट्र बनाएंगे। अब रामजी ने मोदी का भट्ठा ही बैठा दिया। उन्होंने धर्मांतरण के लिए नेताओं को दोषी ठहराया है। उनके मुताबिक इसके लिए फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा कि तालिबान शासन काल में मुसलमानों को क्रिश्चियन बना रहे थे, तब तालिबान सरकार ने उन्हें फांसी की सजा दे दी, लेकिन यहां राजनेता गरीबी पालते हैं और क्रिश्चियन तंत्र को लाभ पहुंचाते हैं, इसलिए धर्मांतरण के लिए राजनेता दोषी हैं।

