रायपुर। राज्य सभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है छत्तीसगढ़ से 2 लोग चुने जयेंगे। वर्तमान में विधायकों की संख्या बल को देखें तो एक सीट बीजेपी को और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी।
भाजपा ने ओबीसी महिला लक्ष्मी वर्मा को मैदान पर उतारकर कांग्रेस पर दबाव बढ़ा दिया है। वहीं कांग्रेस में दावेदारी को लेकर सरगर्मी तेज है। भाजपा के दांव से कांग्रेस पर भी छत्तीसगढ़ीया प्रत्याशी का दबाव बढ़ गया है। ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री हैं और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से दावेदार हैं। उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है, क्योंकि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और कांग्रेस में उनकी अच्छी पकड़ है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस में टी. एस. सिंहदेव, दीपक बैज और ताम्रध्वज साहू का नाम चल रहा है।
जातिगत समीकरण के चलते ताम्रध्वज साहू की दावेदारी सबसे मजबूत है। छत्तीसगढ़ में साहू समाज की आबादी लगभग 22 से 24 प्रतिशत है।

अगर ताम्रध्वज साहू को कांग्रेस आगे बढ़ाती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को फायदा होगी।
चार बार विधायक, एक बार दुर्ग लोकसभा के सांसद, गृह व पी. डब्यू.डी. जैसे बड़े विभाग का सफलता पूर्वक संचालन, पिछड़ा वर्ग विभाग कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष, कांग्रेस की राष्ट्रीय सर्वोच्च संस्था सी डब्ल्यू सी के सदस्य, संगठन व शासन की अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन सफलतापूर्वक किए हैं।
ताम्रध्वज का साहू समाज में गहरा पकड़ है।
2018 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए ताम्रध्वज प्रमुख दावेदार थे। अंतिम समय में पिछड़ जाने के कारण वे चुक गए। इससे साहू समाज कांग्रेस से छिटककर
2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान किया और कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ताम्रध्वज साहू को राज्य सभा सदस्य बनाती है तो निश्चित कांग्रेस को फायदा हो सकता है।
साहू समाज के साथ अन्य पिछड़ा समाज में भी पार्टी का पैठ बढ़ेगा।
ताम्रध्वज साहू छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री हैं और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से दावेदार हैं। उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है, क्योंकि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और कांग्रेस में उनकी अच्छी पकड़ है।
ताम्रध्वज साहू का राजनीतिक करियर बहुत लंबा है, उन्होंने 1998 में पहली बार मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया था। वे 2003, 2008, और 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए चुने गए हैं। 2014 में वे लोकसभा के लिए चुने गए थे और उन्होंने भाजपा की सरोज पांडेय को हराया था।

