छत्तीसगढ़ के धमतरी में बड़े धूमधाम से बछिया जन्मोत्सव मनाया गया। इसके लिए बकायदा कार्ड और बैनर छपवाकर लोगों को आमंत्रित भी किया गया। केक काटने की रस्म भी निभाई गई। लोगों ने बछिया के लिए विशेष चारा भी भेंट किया। गौ मालिक ने सभी मेहमानों के लिए पार्टी का भी आयोजन किया

बछिया के मालिक ने बताया कि, बछिया राधिका का जन्मदिन हमारे जीवन की सबसे बड़ी खुशी का पल है। राधिका का जन्म 3 महीने पहले हुआ था और वह चार में से तीन पैरों से विकलांग थी। जिसका ऑपरेशन कराया गया था।

गोद में उठाकर किया गया डांस
जानकारी के मुताबिक, सोरिद वार्ड के बाबूलाल सिन्हा ने गाय के बछिया का जन्मोत्सव करने कार्ड छपवाया। कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए लोगों को कार्ड बांटे। जन्मोत्सव में पहुंचे लोगों और बाबूलाल की फैमिली ने बछिया को अपने गोद में लेकर खूब डांस किया।
खास बात यह रही कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक सोहर गीतों पर लोगों ने बछिया को गोद में लेकर नृत्य किया। जन्मोत्सव पर रविवार सुबह सत्यनारायण की पूजा, दोपहर गड़वा बाजा उत्सव और शाम को रामायण कार्यक्रम के बाद केक काटकर जन्मदिन को सेलिब्रेट किया गया।
सड़क हादसे से बचाने मनाया जन्मदिन
इस कार्यक्रम में पहुंचे करीब 300 लोगों के लिए प्रीतिभोज रखा गया। मालिक ने बताया कि, रोड पर मवेशी खड़े रहते हैं। जिसको हर कोई अपने घर में रख ले तो मवेशियों को सड़क हादसे से बचाया जा सकता है। जन्मोत्सव में बछिया के लिए लोग गिफ्ट लेकर भी पहुंचे।

बाबूलाल की पत्नी ने बताया कि, बछिया की माता का नाम लक्ष्मी और बछिया का नाम राधिका है। बताया गया कि कुत्तों के काटने के बाद लक्ष्मी को सीरियस स्थिति में घर लाए थे।
मोहल्ले वालों ने मान लिया था कि अब नहीं बचेगी। लेकिन घर के हॉल में रख कर महामृत्युंजय का जाप किया तो छटपटा कर उठ गई। जब से यह घर पर है तब से घर में शुभ ही हो रहा है।
वार्डवासियों ने भी बछिया के जन्मोत्सव मनाने के सराया। कहा, लोग कुत्ते का जन्मदिन मना लेते हैं, लेकिन गाय को आज के युग में कोई नहीं पूछते। हमने एक क्विंटल खल्ली गिफ्ट किया।
कुछ और लोगों ने कहा कि, पहली बार इस तरह का आयोजन देखने मिला। गौ माता का संरक्षण करना बहुत जरूरी है। हिंदू धर्म में गौ माता का दर्जा भगवान से भी बढ़कर है। ऐसा कार्यक्रम करने से लोगों में सेवा भावना जागृत होगी।