तिल्दा नेवरा-भारत का राष्ट्र ध्वज तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। एकता, अखंडता और गौरव को प्रदर्शित यह केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक माना जाता है। तिल्दा नेवरा नगर पालिका ने 4-5 बरस पहले ऐसे ही भावना को लेकर तिल्दा नेवरा ह्रदय स्थल दिन दयाल चौक पर ‘हमर तिल्दा नेवरा लिखा एक एलईडी बोर्ड लगाया। गया .2 लाख से भी अधिक रूपए की लगत से बने इस एलईडी बोर्ड में शहर के नाम के ऊपर तात्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, त्याग, बलिदान, शांति और एकता का प्रतीक तिरंगे की तस्वीर के साथ नगरीय निकाय मंत्री और नगरपालिका अध्यक्ष ने अपनी फोटो लगाई गई थी ।रात को एलईडी की लाईट जलते ही दीनदयाल चौक तो जगमगा उठता है , हर आने जाने वाले की नजर भी एलईडी स्क्रीन पर जरुर जाती है .। मुख्यमंत्री के साथ पालिका अध्यक्ष की फोटो रात की रोशनी में रह रहे कर चमक उठती है।

पहले तिरंगे का रंग गायब था
छत्तीसगढ़ की सत्ता बदलते ही रातों रात चौराहे पर भाजपा के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की साथ उपमुख्यमंत्री,और राजस्व मंत्री की फोटो लगा लग गई साथ ही पालिका अध्यक्ष ने अपनी फोटो भी चमका दी। मगर धूमिल हुए तिरंगे का ख्याल किसी को नहीं आया। तिरंगा का केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक हैं, बीच में सफेद शांति व सत्य को दर्शाता है। हरा रंग विकास और उर्वरता को दर्शाता है बीच में अशोक चक्र धर्म, न्याय और जीवन चक्र का प्रतीक है। चौक का तिरंगा रंगहीन हो गया जिसकी कोई सुधि नहीं ली बस नेताओं और पालिका अध्यक्ष ने अपनी फोटो चमका दी। साल भर में लगभग दो लाख रुपए मेंटेनेंस खर्च भी कर दिया फ़िर भी तिरंगा बदस्तूर धूमिल होता रहा।
तिरंगे की ऐसी दशा देखकर नगर के युवा तुर्क नेता युवराज शर्मा ने दीनदयाल चौक पर लगे धूमिल हुए तिरंगे को देखा। तो उसने तिरंगे पर लगी धुल को साफ किया बावजूद जब धूमिल हुए तिरंगे के रंग में निखार नही आया तो नगर-पालिका पहुँच वहा बैठे जवाबदारो को युवराज ने धूमिल हुए तिरंगा के रंगरोगन का अनुरोध किया। बावजूद ध्यान नही दिया गया ,उसके बाद उन्होंने 10 जनवरी का समय देकर तिरंगा को व्यवस्थित करने की बात कही उन्हें आश्वासन दिया मगर मगर वह आश्वासन ही रहा। दस जनवरी को युवराज अपने साथियों सहित चौक में पहुंच कर जय हिन्द के नारे लगाते हुए तिरंगा में तीन रंगों फिर से भर दिए। तिरंगा फिर से चमक उठा। नगरवासी बड़ी उत्सुकता से चौक में तिरंगा को संवारते देखते रह गये। जिस चौक पर तिरंगा की अवहेलना करते हुए नेताओं ने अपनी फोटो बदली। लाखों रूपए खर्च भी बताया गया और राष्ट्रीय तिरंगा को संवारा तक नहीं। यह नगर में चर्चा का विषय बन गया है। तिरंगे का रंगरोगन के बाद लोग अब फिर से चमकते देख सलूट कर रहे है ,,वहीअब तिंगे की चमक के सामने नेताओ की फोटो फीकी दिखने लगी है ..

