Thursday, February 26, 2026
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पूर्व CM.भूपेश के बेटे चैतन्य बघेल की पेशी:15 दिनों तक बढ़ी चैतन्य की रिमांड .

रायपुर शराब घोटाला मामले में पिछले 2 महीने से जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिमांड 15 सितंबर तक बढ़ गई है। 15 सितंबर को ईडी चैतन्य के खिलाफ चालान पेश कर सकती है। शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चैतन्य बघेल की पेशी हुई। चैतन्य  को पिछले 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था।

बता दें कि,शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं।ED के मुताबिक शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया गया है। साथ ही सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है।ED ने अपनी जांच में पाया कि, चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए थे।

प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि, बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया गया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।ई डी की जांच में चैतन्य बघेल की दो फर्मो कों भिलाई के सराफा कारोबारी से शराब घोटाले से 5 करोड़ मिले थे। जिसमें से साढ़े 4 करोड़ बिना ब्याज के कारोबारी के यहां रखे हुए मिले, जिसकी कैश डीलिंग में पुष्टि हुई थी। आरोप है कि भिलाई के ज्वेलर्स ने बघेल के प्रोजेक्ट में 80 लाख के छह प्लाट खरीदे। वही लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने एड को बताया था कि उसने चैतन्य बघेल के साथ मिलकर 1 हजार करोड़ से ज्यादा कैश हैंडल किया जो शराब घोटाले से आया था।

बंसल के मुताबिक वह पैसा अनवर ढेबर से लेकर दीपेंद्र चढ़ा के जरिए चैतन्य बघेल की मदद से रामगोपाल अग्रवाल और के- के श्रीवास्तव तक पहुंचाता था। इसके अलावा बघेल डेवलपर्स  की विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में शराब घोटाले की रकम से कैश भुगतान हुआ. लेकिन कंपनी के खाते में केवल दो करोड़ 65 लाख दिखाया गया . जबकि असल खर्च 13 से 15 करोड़ था. जांच में पता चला कि प्रोजेक्ट कंसलटेंट ने अकाउंट में जानबूझकर लागत कम दिखाकर नगद भुगतान शिवम कंस्ट्रक्शन को किया गया . जबकि जांच में प्रोजेक्ट में चार करोड़ 2 लाख कैश पेमेंट की पुष्टि डिजिटल डिवाइस की जांच में हुई थी। इसी तरह त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने कर्मचारियों के नाम पर पांच करोड़ देकर बघेल डेवलपर्स से 19 प्लेट खरीदे जो ई डी के मुताबिक फर्जी खरीदी है। एड की बने तो यह सभी ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को किए गए। इसके अलावा ई डी ने बघेल के पास शराब घोटाले से सीधे 16 करोड़ 70 लाख की ब्लैक मनी होने की पुष्टि की है।। ई डी का आरोप है कि चैतन्य बघेल ने घोटाले की रकम को प्रोजेक्ट में डालकर उसे लीगल दिखाने की कोशिश की।पेशी के बाद भूपेश के बेटे की रिमांड 15 सितंबर तक बढाई .अब अगली पेशी तक चैतन्य बघेलजेल में रहेगे ..

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