Tuesday, February 24, 2026
Homeछत्तीसगढ़पांच दिनों तक मनाई जाती है दिवाली, जानिए इस साल यह त्योहार...

पांच दिनों तक मनाई जाती है दिवाली, जानिए इस साल यह त्योहार किस दिन है?

दिवाली सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक है. दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन भगवान राम, रावण का वध करने के बाद, अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे. अयोध्यावासियों ने राम के स्वागत में पूरे शहर को दीपों से जगमगा दिया था, जिससे दिवाली का त्योहार शुरू हुआ. इस परंपरा का पालन करते हुए आज भी लोग अपने घरों को दीपों से सजाते हैं और भगवान राम का स्वागत करते हैं.

इसके साथ ही दिवाली पर लोग अपने घरों की सफाई और दीये जलाकर देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करते हैं और उनसे आने वाले वर्ष में धन, समृद्धि और खुशियां लाने का आशीर्वाद मांगते हैं. हालांकि, दिवाली एक दिन का त्योहार नहीं है. यह पांच दिनों तक चलने वाला एक भव्य उत्सव है. इस खबर में जानें कि दिवाली कब है और कैसे यह त्योहार पांच दिनों तक चलता है…

दिवाली 2025 कब है?
इस साल 2025 में दिवाली का त्यौहार 20 अक्टूबर, 2025 को मनाया जाएगा. दिवाली लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल मुहूर्त शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक और निशिता काल मुहूर्त रात 11:41 बजे से रात 12:31 बजे तक रहेगा.

पांच दिनों तक मनाई जाती है दिवाली

दिवाली पांच दिनों तक मनाई जाती है, प्रत्येक दिन विशेष तथा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण होता है. जानें कैसे

पहला दिन: धनतेरस 18 अक्टूबर को है. इस दिन देवी लक्ष्मी और आरोग्य की देवी धन्वंतरि की भक्तिभाव से पूजा की जाती है. नई वस्तुएं, खासकर सोना, चांदी या बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. यह यश और सौभाग्य का प्रतीक है. देवताओं के स्वागत के लिए घरों की साफ-सफाई और सजावट की जाती है.

दूसरा दिन: नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली यह 19 अक्टूबर को है. इसे छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन राक्षस नरकासुर के वध के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर तेल से स्नान करने की परंपरा है. देश के कई हिस्सों में दिवाली का उत्सव इसी दिन से शुरू होता है. कई लोग नहरों के किनारे दीये जलाते हैं. दीये जलाने के साथ-साथ इस दिन पटाखे फोड़ने का भी सिलसिला शुरू हो जाता है.

तीसरा दिन: दिवाली तीसरे दिन मनाई जाती है, जो इस वर्ष 20 अक्टूबर को है. इस दिन भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. दिवाली की शाम को लक्ष्मी और गणेश की विशेष पूजा की जाती है. दीप जलाए जाते हैं. धन, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है.

चौथा दिन: इस दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. इस वर्ष यह 22 अक्टूबर को है. ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने लोगों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था. इस दिन गायों की विशेष पूजा की जाती है.

पांचवां दिन: भाई दूज के रूप में मनाया जाता है, जो इस वर्ष 23 अक्टूबर को है. यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है. इस दिन, बहनें अपने भाइयों की सलामती की कामना करते हुए उनके माथे पर तिलक लगाती हैं और उपहारों और मिठाइयों का आदान-प्रदान करती हैं. इस दिन दिवाली उत्सव का समापन होता है.

 यह सामान्य जानकारी केवल पढ़ने के उद्देश्य से प्रदान की गई है VCN टाइम्स  पोर्टल इस जानकारी की वैज्ञानिक वैधता के बारे में कोई दावा नहीं करता है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments