छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन, युक्तियुक्तकरण विवाद हो सकता है खत्म

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के आएंगे अच्छे दिन, युक्तियुक्तकरण विवाद हो सकता है खत्म

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर शालेय शिक्षक संघ और शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव के बीच अहम बैठक हुई. संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने TET अनिवार्यता, भर्ती-पदोन्नति नियम 2026, युक्तियुक्तकरण और विभागीय परीक्षाओं जैसे कई मुद्दों को उठाया. बैठक में मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए, जिससे शिक्षकों को राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं.

शालेय शिक्षक संघ ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद TET अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाया. संघ ने मांग रखी कि RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखा जाए, वहीं बाद में नियुक्त शिक्षकों के लिए सरल विभागीय परीक्षा का विकल्प दिया जाए. इस पर शिक्षामंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसी भी शिक्षक का अहित नहीं होने दिया जाएगा और संतुलित व्यवस्था बनाई जाएगी.

संघ ने नए भर्ती-पदोन्नति नियम 2026 को लेकर नाराजगी जताई. आरोप लगाया गया कि यह नियम एलबी संवर्ग के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के साथ पक्षपात करता नजर आ रहा है और किसी विशेष वर्ग को लाभ पहुंचाने का प्रयास है.मंत्री ने इस मुद्दे पर संगठन से विस्तृत सुझाव मांगे और सुधार की दिशा में कार्यवाही का आश्वासन दिया.

युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया. संघ ने मांग की कि इस प्रक्रिया को नस्तीबद्ध कर पीड़ित शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस रखा जाए और लंबित वेतन का भुगतान किया जाए. शिक्षामंत्री ने इस पर उचित कार्यवाही का भरोसा दिया.

संघ ने प्राचार्य के 10% पदों पर शीघ्र विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग रखी. इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे पदोन्नति की राह खुलने की उम्मीद है.

पूरी बैठक को सकारात्मक और विस्तृत बताया गया. वीरेंद्र दुबे ने कहा कि सरकार के रुख से उम्मीद जगी है कि जल्द ही ठोस निर्णय सामने आएंगे. संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की उम्मीद जताई है. शिक्षकों की समस्याओं को लेकर हुई यह बैठक फिलहाल राहत भरी खबर लेकर आई है. अब नजर सरकार के आगामी फैसलों पर टिकी है, जो लाखों शिक्षकों के भविष्य को प्रभावित करेंगे.

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