Thursday, February 26, 2026
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में हेमा मालिनी देंगी नृत्य प्रस्तुति:चक्रधर समारोह में 7 पद्मश्री कलाकारों की होगी परफॉर्मेंस

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 7 से 16 सितंबर तक 39वें चक्रधर समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह की शुरुआत पद्मश्री हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘राधा रासबिहारी’ से होगी। 10 दिन तक चलने वाले इस समारोह का समापन रामलीला मैदान में डॉ. कुमार विश्वास के कविता पाठ से होगा।

रविवार को कलेक्टर कार्तिकेय गोयल और SP दिव्यांग पटेल ने CM हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को शामिल होने आमंत्रण दिया। इस कला महोत्सव की तैयारी पूरी हो चुकी है। नामचीन कलाकार अपने हुनर के प्रदर्शन के लिए रायगढ़ पहुंचने वाले हैं। चक्रधर समारोह का मंच कला जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। पद्मश्री से सम्मानित 7 कलाकार प्रस्तुति देंगे।

क्या है चक्रधर समारोह?

चक्रधर समारोह रायगढ़ के राजा चक्रधर सिंह के नाम से आयोजित किया जाया है। आजादी के पहले रायगढ़ एक स्वतंत्र रियासत थी। कहा जाता है कि, रियासतों के विलीनीकरण के सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पहले राजा चक्रधर ही थे। वे खुद भी एक कुशल तबला वादक और संगीत के साथ नृत्य में भी निपुण थे। उनके प्रयास से ही यहां संगीत और नृत्य की नई शैली विकसित हुई। स्वतंत्रता के पहले से ही गणेशोत्सव के समय यहां सांस्कृतिक आयोजन की एक समृद्ध परंपरा विकसित हुई, जिसने धीरे-धीरे एक बड़े आयोजन का रूप ले लिया।

ये कलाकार देंगे प्रस्तुति

पद्मश्री हेमा मालिनी– भारतीय सिनेमा की एक्ट्रेस और भाजपा की सांसद भी हैं। भरतनाट्यम नृत्य के लिए भी जानी जाती हैं। उन्हें भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। भरतनाट्यम जो एक प्राचीन और शास्त्रीय नृत्य शैली है। इसमें हेमा मालिनी की निपुण हैं। डांस में एक्सप्रेशंस के साथ वो दर्शकों का ध्यान खींचने में कामयाब रहती हैं।

पद्मश्री रामलाल बरेठ- रायगढ़ कत्थक शैली को विकसित करने और कत्थक को घराने के रूप में स्थापित करने के लिए पंडित रामलाल बरेठ ने अपना जीवन समर्पित किया है। उनके प्रयास से रायगढ़ कत्थक शैली को रायगढ़ घराना के नाम से जाना जाता है। रायगढ़ घराना पूरी दुनिया में चौथे कत्थक घराने के रूप में प्रसिद्ध है। 1996 में भारत के राष्ट्रीय सम्मान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2024 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

पद्मश्री कुमारी देवयानी– अनिक शेमोटी, जिन्हें मंच नाम कुमारी देवयानी के रूप में जाना जाता है। वो एक भारतीय नृत्यांगना हैं, जो भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली भरतनाट्यम में प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने भारत के साथ-साथ ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, ग्रीस, पुर्तगाल, स्कैंडिनेवियाई देशों, एस्टोनिया और दक्षिण कोरिया के त्योहारों और संगीत हॉल में प्रदर्शन किया है। 2009 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

पद्मश्री डॉ. भारती बंधु– छत्तीसगढ़ के ही संगीतकार और गायक हैं, जिनके कबीर भजन बहुत प्रसिद्ध हैं। वे छत्तीसगढ़ के रायपुर में पैदा हुए थे। उन्हें राजा चक्रधर सम्मान से भी सम्मानित किया गया है। वे भारत में सूफी और कबीर संगीत के प्रतीक हैं। उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से नवाजा गया है।

पद्मश्री अनुज शर्मा– छत्तीसगढ़ी सिनेमा के एक्टर हैं। अभिनय और गायन की वजह से लोगों के बीच फेमस हैं। उन्हें भारत सरकार ने 2014 में चौथे पद्मश्री से सम्मानित किया था। अभी वो बीजेपी के विधायक हैं।

पद्मश्री डॉ. सुरेंद्र दुबे– अपनी हास्य कविताओं के लिए पूरे देश दुनिया में प्रसिद्ध हैं। वे पेशे से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक भी हैं। प्रदेश की बोली और संस्कृति को उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से बढ़ावा दिया है। उन्हें भारत सरकार ने 2010 में देश के चौथे उच्चतम भारतीय नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया था।​​​​​​​

पद्मश्री रंजना गौहर– प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और फिल्म निर्माता हैं। उन्हें पद्मश्री और संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। वो ओडिसी नृत्य के संदर्भ में एक किताब (ओडिसी द डांस डिवाइन) भी लिख चुकी हैं। रंजना गौहर को 2003 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रतिष्ठित पद्मश्री और 2007 में राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

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