छत्तीसगढ़

अब तोता पालने वालों को हो सकती है जेल, पिंजरे में कैद पक्षियों को लेकर वन विभाग के आदेश से मची खलबली

बिलासपुर वन मंडल ने पिंजरे में कैद पक्षियों के लिए आदेश जारी किया है। वन विभाग के अनुसार, पिंजरे में पक्षियों को कैद करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई होगी।
  • बिलासपुर वन विभाग ने जारी किया है आदेश
  • तोता समेत कई पक्षियों के पालने पर रोक
  • विभाग ने कहा- पक्षियों को कैद करना अपराध
  • वन विभाग की टीम ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

रायपुर: आपने अक्सर बहुत से लोगों के घरों में तोते को देखा होगा। पिंजरे में कैद तोता कई लोगों की घरों की शान बढ़ता है लेकिन छत्तीसगढ़ में रहने वालों के लिए अब तोता पालन मुश्किल हो जाएगा। तोता पालने पर आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर वन विभाग ने एक आदेश जारी किया है। इसमें उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है जो लोग अपने घरों में तोता पाल कर रखे हुए हैं। वन विभाग ने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जिन लोगों के घरों में तोते हैं वह उसे ले जाकर वन विभाग को सौंप दें इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।

बिलासपुर वन विभाग ने तोता पालने और अन्य पक्षियों की बिक्री करने, उनको पिंजरे में कैदकर पालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। बिलासपुर डीएफओ ने लोगों को 7 दिन के अल्टीमेटम में सभी पाले गए पक्षियों को पिंजरे से निकालकर कानन पेंडारी जू प्रबंधन को सौंपने के लिए कहा गया है। वन विभाग की टीम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी कर दिया है।

क्यों की गई है कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, वन विभाग की टीम को लंबे समय से शिकायत मिल रही है कि शहर में पक्षियों की बिक्री के मामले बढ़ गए हैं। तोता पालने के साथ-साथ बहुत से लोग प्रतिबंधित पक्षियों को भी लोग पाल रहे हैं और उनकी बिक्री भी कर रहे हैं। राज्य पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने वन विभाग ने निर्देश पर प्रदेश भर में तोता सहित वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की अधिसूची में दर्ज सभी पक्षियों को वन विभाग को सौंपने के लिए कहा है।

क्या तोता पालना अपराध है?

बिलासपुर वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तोता या अन्य पक्षियों को पालना, कैद करके रखना, उनकी खरीदी, बिक्री पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। जो व्यक्ति ऐसा करते पाया जाता है वह कानून के हिसाब से दोषी है।

वन विभाग की टीम करेगी छापेमारी

वन विभाग से आदेश के बाद पक्षियों को पालने वालों के खिलाफ टेंशन बढ़ गई है। 7 दिनों के अंदर पक्षी जमा नहीं कराने पर वन विभाग की टीम लोगों के घरों में जाएगी और पक्षी पालने की शिकायत मिलने पर छापेमारी कार्रवाई करेगी।

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