तिल्दा नेवरा । अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शनिवार को घर-घर विराजे छोटी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हवन पूजन के बाद शुरु हो गया। पुरानी परंपराओं व धार्मिक आस्था के बीच दस दिन बाद विसर्जन करना अनिवार्य है इसलिए भारी मन से अगले साल फिर जल्दी आने की कामना करते हुए लोग विसर्जन में घर परिवार सहित लगे रहे।
पूरे शहर में बस यही शोर सुनाई पड़ रहा था..गणपति बप्पा मोरैया…अगले बरस जल्दी आ..। चूंकि कल चंद्रग्रहण है इसलिए आज शाम तक और यदि हवन पूजन का भगवान का स्थान परिवर्तित कर दिया है तो कल सूतक लगने से पहले 11 बजे सुबह तक विसर्जन कर सकते हैं। ग्रहणकाल में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा यहां तक कि मंदिरों व पंडालो के पट भी नहीं खुलेंगे। शहर में बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन 8 से लेकर 10 सितंबर तक झांकियों के साथ चलते रहेगा।
कई लोग तालाबों तो कुछ नदी और तुलसी बांध में भी विसर्जन कर रहे हैं। घर के गार्डन में भी लोग विसर्जन की परम्परा निभा रहे है। एक प्रकार से पूरे शहर का वातावरण आज गणेशमय है।रराइजनिग गणेश समिति द्वारा लंगर का आयोंजन किया गया है ..

