मोदी कैबिनेट ने कर्मचारियों को तोहफा देते हुए यनिफाइड पेंशन स्कीम की घोषणा की है। इस घोषणा पर छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव ने इस स्कीम को मोदी सरकार का तोहफा बताया .
- अरुण साव ने पीएम मोदी के फैसले को बताया महत्वपूर्ण
- कहा- यूपीएस से कर्मचारियों को होगा लाभ
- मोदी कैबिनेट ने यूपीएस को दी है मंजूरी
- 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी यूनिफाइड पेंशन स्कीम
रायपुर: केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के लिए यूनिफ़ाइड पेंशन स्कीम की घोषणा की है। यह स्कीम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी। सरकार के इस फैसले पर छत्तीसगढ़ के डेप्युटी सीएम अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह स्कीम कर्मचारियों के हित में है और नरेंद्र मोदी सरकार का बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है। इस से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों व उनके परिवारों को लाभ होगा। बता दें कि इससे पहले यूपीएस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, देश की प्रगति के लिए कठिन परिश्रम करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों पर हमें गर्व है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) इन कर्मचारियों की गरिमा और आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाली है। यह कदम उनके कल्याण और सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
23 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा
इस योजना से केंद्र सरकार के लगभग 23 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा। राज्य सरकारों को एकीकृत पेंशन योजना चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा। यदि राज्य सरकारें यूपीएस का विकल्प चुनती हैं, तो लाभार्थियों की संख्या लगभग 90 लाख होगी। सरकार के मुताबिक एरियर पर 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पहले वर्ष में वार्षिक खर्च लगभग 6,250 करोड़ रुपये होगा। यह योजना 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी होगी।
टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में गठित हुई थी कमेटी
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एनपीएस और यूपीएस के बीच चयन करने का विकल्प दिया जाएगा। केंद्र सरकार के एनपीएस ग्राहकों को यूपीएस पर स्विच करने का विकल्प भी दिया जाएगा। नई योजना के बारे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, सरकारी कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना में कुछ बदलाव की मांग की थी। इसके लिए पीएम मोदी ने कैबिनेट सचिव टी.वी.सोमनाथन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया।
सीएम ने भी की फैसले की तारीफ
बता दें कि इस समिति ने विभिन्न संगठनों और लगभग सभी राज्यों के साथ 100 से अधिक बैठकें कीं और इन सिफारिशों के आधार पर एकीकृत पेंशन योजना तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के सीएम ने भी इस फैसले की तारीफ की है।

