बलरामपुर जिले में एक मेडिकल स्टोर संचालक ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया जिस कारण से उसकी तबियत बिगड़ गई। बच्चे की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
बलरामपुर:छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां एक मेडिकल स्टोर के संचालक ने बीमार बच्चे को इंजेक्शन लगाया जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 10 साल के बच्चे को इंजेक्शन लगाने के बाद से ही उसकी तबियत बिगड़ गई थी। आनन-फानन में परिचन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां इराज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामला कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। बच्चे का नाम अनमोल एक्का था और वह 6वीं क्लास का छात्र था। जानकारी के अनुसार, खेलते समय बच्चे के पैर के घुटने में चोट लग गई थी। चोट ठीक नहीं हो रही थी जिसके बाद बच्चे के पिता ने मेडिकल स्टोर्स संचालक को इस बारे में जानकारी दी। मेडिकल स्टोर संचालक ने बच्चे के पैर में इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर घर आ गए।
इंजेक्शन लगवाने के कुछ देर तक बच्चा ठीक रहा। घर पहुंचने के बाद उसकी तबियत अचानक से बिगड़ने लगी। जिसके बाद परिजन उसे फौरन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां बच्चे का इलाज शुरू किया गया लेकिन उसे कोई आराम नहीं मिला। इसके बाद स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अबिकापुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। यहां बच्चे को आईसीसू में भर्ती किया गया लेकिन इलाज के दौरान बुधवार रात को उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। मामले में बलरामपुर CMHO डॉ. बसंत सिंह ने कहा कि इस बात की जानकारी नहीं कि बच्चे को कहां से इंजेक्शन लगवाया गया है। संभवत गलत इंजेक्शन लगाने के कारण उसका रिएक्शन हो गया जिस कारण से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारे पास कोई शिकायत परिजनों की तरफ से नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि अगर शिकायत आती है तो मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आशंका है कि इंजेक्शन के रिएक्शन के कारण बच्चे की हालत बिगड़ी। उसे कौन सा इंजेक्शन लगाया गया था, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।

