रायपुर: छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य में धान खरीदी खत्म होने की कगार पर है। सरकार की तय डेडलाइन के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक किसानों से धान खरीदी की जाएगी। लेकिन दूसरी ओर अभी तक कई किसानों ने अपना धान नहीं बेचा है और डेट आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस भी किसानों के धान को लेकर सियासत कर रही है और सरकार को घेरने की कवायद में लगी हुई है। लेकिन इस बीच खबर आ रही है कि कृषि मंत्री राम विचार नेताम कहा है कि किसानों के हित में फैसला लिया जाएगा।
दरअसल कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि धान खरीदी की तारीख बढ़ानेकी मांग हो रही है, कुछ जगहों पर टोकन नहीं कटा या खरीदी नहीं हुई है। उन्होंने आगे बताया कि कृषि विभाग के PS द्वारा पत्र भेजा गया है और आज मैं CM विष्णु देव साय से मुलाकात करूंगा। किसानों के हित में निर्णय लिया जाएगा। कृषि मंत्री नेताम के बयानों से ये तो तय है कि सरकार किसानों के हित को देखते हुए धान खरीदी की तारीख बढ़ा सकती है।
वहीं दूसरी ओर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बीते दिनों मीडिया से बात करते हुए कहा था कि आवश्यकता होगी तो तारीख बढ़ाई जाएगी, लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति बनते दिखाई नहीं दे रही है। सहकारिता मंत्री के बयान से ये बात स्पष्ट है कि सरकार फिलहाल धान खरीदी की तारीख बढ़ाने पर कोई विचार नहीं कर रही है। हो सकता है 31 जनवरी को धान खरीदी का आंकलन करने के बाद तारीख आगे बढ़ाने पर सरकार फैसला ले।
वहीं, धान खरीदी कम होने के सवाल पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जो वास्तविक धान है वही खरीदी हो रही है। पहले बॉर्डर वाले जिलों से अवैध धान की खरीदी होती थी, लेकिन हमारी सरकार लगातार बिचौलियों पर कार्रवाई कर रही है और अवैध धान को जब्त कर रही है। बता दें कि प्रदेश में धान खरीदी के दौरान हजारों क्विंटल अवैध धान जब्त किए गए हैं और बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की गई है।
13 जनवरी 2026 को प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है

