Friday, February 27, 2026
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अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रेश:मौत को मात देकर जिंदा बच गया विश्वास, विजय रुपाणी का लकी नंबर बना मौत की तारीख..

इंदर कोटवानी

VCN सेंट्रल डेस्क-सच ही कहा गया है कि जिसकी मौत जहां लिखी है उसे कोई टाल नहीं सकता..और जिसकी मौत नहीं होनी है उसे कोई मार नहीं सकता.गुजरात के अहमदाबाद मैं हुए विमान हादसे में.यह दोनों बातें सच साबित हुई है..! क्रेश हुए मलमे को देखकर कोई बता नही सकता की कोई जिन्दा बचा होगा,,लेकिन इस घातक दुर्घटना में एक यात्री मौत को मात देकर जिंदा बच गया. जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति की पहचान भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश (39) के रूप में की गई है..

गुजरात का अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रेश से पुरा देश सदमे में है..लेकिन हादसे में एक ऐसा भी चमत्कार हुआ जिसमें यह बात सत्य साबित हुई है कि जिसकी जहां मौत होगी उसे कोई टाल नहीं सकता.. और अगर मौत नहीं लिखी है तो कोई मार नहीं सकता। इसे चमत्कार ना कहे तो क्या कहे, की प्लेन में पायलट और कृ मेबर  के साथ कल 242 लोग स्वर, थे उनमें से एक यात्री विश्वास कुमार को छोड़ सब की मौत हो गई..

प्लेन में गुजरात के पूर्व CM विजय रुपाणी भी सवार थे.उनकी भी मौत आईएस हादसे में हुई है. गुरुवार को उनका सबसे लकी नंबर ‘1206’ ही अनलकी साबित हो गया. विजय रुपाणी की पहली कार और वर्षों पुराने स्कूटर, दोनों का नंबर 1206 ही ही था. वह इस नंबर को अपने लिए बेहद शुभ मानते थे. आज भी वह कार और स्कूटर उनके घर के बाहर पार्क है. लेकिन, संयोग की बात है कि गुरुवार की तारीख भी 12-06 थी जो उनके जीवन का अंतिम दिन बन गई.  विजय रुपाणी अपनी पत्नी अंजलि और बेटी से मिलने जा रहे थे. विजय रुपाणी के निधन की तारीख यानी 12 जून या 12-06.से जुड़ा एक संयोग सामने आया है.

विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलते ही विजय रुपाणी के घर के आसपास बाहर सन्नाटा छा गया. फिलहाल रुपाणी परिवार की ओर से अब तक कोई बयान नहीं आया है, और घर में भी कोई.मौजूद नहीं है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फ्लाइट ने उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही ऊंचाई खो दी और सबसे पहले बी.जे. मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग से टकराई. इसके बादविमान ने पास ही स्थित अतुल्यम हॉस्टल को भी चपेट में ले लिया, जहां सीनियर रेसिडेंट डॉक्टर्स रहते थे. टक्कर के साथ ही इन इमारतों में आग लग गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. राहत कार्य में सेना, नगर निगम और मेडिकल टीमें मिलकर दिन-रात जुटी हुई हैं.

रमेश विश्वास ने बताया कि मेरी सीट प्लेन के जिस हिस्से में थी, वो बिल्डिंग के निचले हिस्से से टकराया होगा. ऊपर के हिस्से में आग लग गई थी, कई लोग वहीं फंसे रह गए.  शायद मैं सीट सहित नीचे गिर गया था. मैं जैसे-तैसे निकल पाया. रमेश ने बताया कि उनकी आंखों के सामने ही दो एयर होस्टेस, एक अंकल-आंटी सबकुछ जलजल रहे थे. गुजरात के अहमदाबाद में हुए एक भयानक विमान हादसे ने पूरे देश ही नहीं विदेश के लोगों को झकझोर कर रख दिया.है

‘प्लेन से कूदा नहीं था, सीट समेत मैं बाहर गिर गया…’, रमेश विश्वास कुमार ने बताया प्लेन क्रैश में भी कैसे बचे जिंदा

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