पहले मां के अंतिम संस्कार में जाएंगे, फिर 3 दिन पुलिस रिमांड पर रहेंगे
रायपुर-जोहार छत्तीसगढ़ के प्रमुख अमित बघेल को देवेंद्र नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है वह सरेंडर करने पहुंचे थे, लेकिन सरेंडर के 10 मिनट पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में समर्थकों का जमावड़ा है। वहीं कोर्ट और थाने के आस-पास सुरक्षा बढ़ाई गई है। अमित बघेल आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में करीब 26 दिनों से फरार थे।

गिरफ्तारी के बाद अमित बघेल को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने बघेल को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इससे पहले वे पुलिस कस्टडी में मां के अंतिम संस्कार के लिए गांव जाएंगे। बता दें कि शुक्रवार को अमित बघेल की मां का निधन हो गया है। उनके शव को उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है, जहां कल शनिवार को अंतिम संस्कार होगा।
इसके पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि, अपनी जुबान पर लगाम रखें। जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें। कोर्ट ने साफ कहा था कि कोई राहत नहीं दी जाएगी और कानून अपना काम करेगा।
बता दे कि छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्यामा प्रसाद मुखर्जी अग्रसेन महाराज की मूर्ति क्यों नहीं टूटती है। उनकी मूर्ति पर पेशाब क्यों नहीं करते हैं। इनका अपमान क्यों नहीं करते हैं। कौन है अग्रसेन। चोर है या झूठ है। पाकिस्तानी सिंधी ।मछली वाले भगवान, उन्होंने हमारे छत्तीसगढ़ी महतारी के छत्तीसगढ़ी महतारी के गण को काटकर काटकर अपमान किया है। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया था।
दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।
उसके बाद अमित बघेल ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा था। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की थी। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने बैठक लेकर पुलिस से शिकायत करने की सहमति बनाई। सिटी कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी।
इसके पहले सिंधी समाज ने अनिल बघेल के द्वारा भगवान के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर माफी मांगने के लिए कहा गया था लेकिन अमित बघेल ने माफी मांगने से इनकार करते हुए. कहा था मैं जेल जाने को तैयार हूं लेकिन माफी नहीं मांगूंगा। उसके बाद उसके खिलाफ विरोध और भी बढ़ गया। इसी बीच अमित बघेल फरार होगया । पुलिस ने अमित बघेल पर 5000 का इनाम भी रखा था बावजूद उसके बारे में कोई पता नही चला। 26 दिनों के बाद आज पुलिसको नजर आया तो बिना देर किए पुलिस उसे गिरफ्तार किया है।पुलिस अमित को कोर्ट में पेश किया गया है ..

