होलिका दहन के अगले दिन उसकी राख को घर लाकर माथे पर लगाना और घर में छिड़कना शुभ माना जाता है.आचार्य पवन शास्त्री रीवा वाले अनुसार मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वास्तु दोष भी कम होते हैं. होलिका दहन के समय कुछ चीजें बिल्कुल नहीं डालनी चाहिए.
तिल्दा नेवरा -होली का त्योहार जितना रंगों के लिए खास होता है, उतना ही महत्वपूर्ण उससे एक दिन पहले होने वाला होलिका दहन भी माना जाता है. इस बार होलिका दहन को लेकर लोगों में थोड़ी भ्रम की स्थिति है, लेकिन पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026, सोमवार की रात होलिका दहन किया जाएगा, जबकि 4 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी. इस बार 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा.
इस दिन होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. शास्त्रों के अनुसार, यह समय शास्त्रसम्मत माना जा रहा है क्योंकि पूर्णिमा तिथि के प्रदोष काल में ही होलिका दहन किया जाता है. होलिका दहन के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक स्वरूप अग्नि प्रज्वलित की जाती है. मान्यता है कि इस अग्नि में अर्पित की गई चीजें जीवन की परेशानियों को दूर करती हैं और सुख-समृद्धि लाती हैं. फाल्गुन पूर्णिमा की रात को हर साल होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है.अब जानते हैं कि होलिका दहन की अग्नि में क्या चढ़ाना शुभ माना जाता है. होलिका दहन के समय हवन सामग्री अग्नि में डालना शुभ माना जाता है.
इसके बाद अग्नि की परिक्रमा करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं. अगर आप कपूर और हरी इलायची अग्नि में डालते हैं, तो यह स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है. इस समय नई फसल भी तैयार होती है, इसलिए गेहूं अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे घर में अन्न की कमी नहीं होती और खुशहाली बनी रहती है.
नारियल को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. अगर इसमें चीनी और चावल भरकर अग्नि में अर्पित किया जाए, तो धन लाभ और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इसके अलावा, होलिका दहन की अग्नि में काला तिल, हल्दी, लौंग, पीली सरसों और खीर-पूरी भी अर्पित की जाती है. अग्नि में गोबर के उपले डालना भी शुभ माना जाता है. इससे घर में सुख-शांति आती है और आर्थिक परेशानियों में राहत मिलती है.
होलिका दहन के अगले दिन उसकी राख को घर लाकर माथे पर लगाना और घर में छिड़कना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वास्तु दोष भी कम होते हैं. होलिका दहन के समय कुछ चीजें बिल्कुल नहीं डालनी चाहिए. जैसे- हरे पेड़ या ताजी टहनियां, प्लास्टिक या कूड़ा, लोहे या चमड़े की वस्तुएं, फटे-पुराने कपड़े आदि.

