रायपुर। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक लता उसेंडी व रायपुर विधायक पुरंदर मिश्रा ने ओडीसा विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर मेहनत की थी,राज्य के अलग-अलग विधानसभा सीटों पर उन्होने रणनीतिक तरीके से प्रत्याशियों व स्थानीय नेताओं को लेकर काम किया और इसमें वे सफल भी रहे। पहली बार ओडीसा में भाजपा की सरकार बनी है। वैसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर मंत्रियों,विधायकों व संगठन के नेताओं ने भी मोर्चा संभाल रखा था,लेकिन उसेंडी व मिश्रा को विशेष रूप से पार्टी से शाबासी मिल चुकी है और इस शाबासी के एवज में वे जल्द ही राजनीतिक गिफ्ट से नवाजे जाने वाले हैं। वैसे बृजमोहन अग्रवाल का रिक्त हो रहे मंत्री पद के अलावा एक पद पहले से खाली है मतलब दो विधायकों के लिए गुंजाइश यहां बन रही है। संभव है दोनों को समाहित कर लिया जाए। वैसे जिस अंदाज में टिकट लेकर आए और दमदारी के साथ चुनाव जीते पुरंदर मिश्रा का ग्राफ पार्टी में मजबूत बना हुआ है। ओडीसा जीत के बाद यह और पुख्ता हो गया है। अभी निगम मंडल आयोग के पद भी बचे हुए हैं। कुछ विधायकों को दोहरी जिम्मेदारी भी दी जाती है। कहा जा रहा है कि इन दोनों विधायकों का ओडीसा जीत का पुरस्कार मिलना अभी बाकी है,क्या मिलेगा यह सत्ता व संगठन को तय करना है।

