इंदर कोटवानी,
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अपने पत्ते खोलते हुए मध्य प्रदेश में अब तक 79 और छत्तीसगढ़ में 21 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी अब इनको लेकर आमजन से पूछताछ कर जमीनी हकीकत जांच रही है। ताकि गड़बड़ होने पर एन वक्त पर भी चेहरा बदला जा सके।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की क्रमशःदो और एक सूची भले ही जारी कर दी हों लेकिन पार्टी अभी भी पूरी तरह से प्रत्याशियों को लेकर कॉन्फिडेंट नजर नहीं आ रही है। पार्टी की ओर से अब इन प्रत्याशियों का फीडबैक लिया जा रहा है। दरअसल जमीन पर ये जानने की कोशिश की जा रही है कि प्रत्याशी का नाम सामने आने के बाद विधानसभा में माहौल क्या बन रहा है। जनता और कार्यकर्ता दोनों क्या कह रहे हैं। इसके लिए पार्टी की ओर से विधानसभा में कॉल करके आमजन से राय ली जा रही है। उनसे पूछा जा रहा है कि उनका प्रत्याशी कैसा है। जनता जनार्दन के साथ ही पार्टी वर्कर से भी बातचीत कर विधानसभा में अंडरकरेंट चैक किया जा रहा है।
कई उम्मीदवारों की निगेटिव रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से विधानसभा में खंगाली गई प्रत्याशी की जमीन में निगेटिव फीडबैक भी मिल रहा है। किसी प्रत्याशी को बाहरी बताया जा रहा है तो किसी के व्यवहार को खराब। इतना ही नहीं कई सीटों पर प्रत्याशी का नाम सामने आते ही खुलकर नाराजगी सामने आ चुकी है। कई नाखुश कार्यकर्ता त्यागपत्र भी दे चुके हैं। ऐसे में पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
79 घोषित, 151 शेष
भाजपा ने अब तक प्रत्याशियों की जो सूचियां जारी की है, जिसमें मध्य प्रदेश से 79 और छत्तीसगढ़ से 21उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं। MP में पहली दो सूची में भाजपा ने 39-39 नाम जारी किए थे। तीसरी सूची में सिर्फ एक नाम घोषित किया था। इतना ही नहीं भाजपा ने अपनी पहली सूची अगस्त महीने में ही घोषित कर दी थी। जिसमे मध्य प्रदेश से 39 और छत्तीसगढ़ से 21 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे ,फिर 26 सितमबर को मध्य प्रदेश में दूसरी लिस्ट जारी की गई अब MP में जहा 151 सीटें शेष रह गई हैं वही छ.ग.में 69 प्रत्याशी का नाम भाजपा को सामने लाना है।
प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई प्रत्याशियों का जमकर विरोध हो रहा है,हालत यह है कि भाजपा के द्वारा समझाने के बाद भी पार्टी कार्यकर्ता समझने को तैयार नहीं है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि भाजपा के द्वारा घोषित चेहरे समय आने पर बदले भी जा सकते हैं ?

