रायपुर-छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। तीन दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी कलेक्टर, संभागायुक्त और विभागीय सचिव शामिल होंगे।
पहले दिन की बैठक में खाद्य विभाग की समीक्षा की गई। सीएम ने कलेक्टरों और सचिवों को धान खरीदी की तैयारियां करने के निर्देश दिए है। उन्होंने साफ कहा है कि धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। प्रभारी सचिवों से कहा है कि वे केंद्र की निगरानी करें। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए है।
- कलेक्टर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और कार्यक्रमों की प्रगति पर निगरानी हो।
- राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।
- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने शत-प्रतिशत अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित कराएं।
- गर्भवती माताओं और बच्चों के टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से आयोजित हों और फील्ड वेरिफिकेशन में इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक प्रकरण में किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।
- एनआरसी सेंटरों का संचालन प्रभावी और सतत हो, माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर संचारी रोग (NCDs) के प्रति लोगों में जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया जाए।
- बस्तर संभाग के जिलों में मलेरिया के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए ताकि प्रदेश को मलेरिया-मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हो।
- प्रधानमंत्री वय वंदना योजना अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।
खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए सीएम ने आगामी धान खरीदी को देखते हुए दिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना धान सरकार खरीदेगी।
किसान पोर्टल में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन समय पर पूरा करें। सीएम ने किसान पंजीयन में धीमी प्रगति वाले जिलों से आगे की कार्ययोजना की भी जानकारी ली और विभागीय सचिव से कहा कि दूरस्थ अंचलों में नेटवर्क की समस्या होने पर विशेष शिविर लगाकर पंजीयन करें।
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी होगी। बैठक में सीएम ने कलेक्टरों को धान खरीदी की तैयारियां करने के निर्देश दिए है। उन्होंने साफ कहा है कि धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।
प्रभारी सचिवों को जिलों में धान खरीदी की पैनी निगरानी और संवेदनशील केंद्रों की गहन निगरानी करने के निर्देश दिए है। खासकर अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी करने को कहा।
पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ हो धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था की जाए। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से चौकसी बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में कोई पात्र किसान न छूटें। योजना का लाभ दिलाने समय सीमा निर्धारित कर कलेक्टर काम करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन की कमिश्नर समीक्षा करें। बस्तर और सरगुजा संभाग में संवेदनशीलता के साथ विशेष फोकस अधिकारी करें। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में पहले दिन कलेक्टर, सचिव की बैठक ली गई। दूसरे दिन पुलिस कप्तानों के काम की समीक्षा की जाएगी और उन्हें दिशा निर्देश दिए जाएंगे। तीसरे दिन यानि 14 अक्टूबर को गुड गवर्नेंस समिट का आयोजन होगा।
मुख्य रूप से जिलों में चल रही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसेवा की गुणवत्ता, और सुशासन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा होगी।सरकार का उद्देश्य है कि योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाएं और जनता को पारदर्शी ढंग से लाभ मिले।
13 अक्टूबर यानि सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कलेक्टर्स और एसपी की संयुक्त बैठक लेंगे। इस बैठक में कानून व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और शांति बनाए रखने के उपायों की समीक्षा की जाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डीएफओ (वनमंडल अधिकारी) और कलेक्टर्स की बैठक भी करेंगे, जिसमें वन नीति, पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

