रायपुर- छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी है। प्रदेश में इस वक्त 1700 से अधिक डॉक्टरों की कमी है और डॉक्टर्स की कमी को लेकर बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए। नया रायपुर के आयुष विश्वविद्यालय में ऑल इंडिया हेल्थ साइंस वाईस चांसलर कार्यक्रम में मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के सामने बृजमोहन अग्रवाल ने डॉक्टरों की कमी को लेकर चिंता जताई। साथ ही मेडिकल कॉलेज खोलने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर्स उपलब्ध नहीं होने पर सवाल भी उठाए।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि – अस्पतालों में डॉक्टर्स के पद खाली होना, सुदूर अंचलों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उपचार के लिए अगर डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं, तो मेडिकल कॉलेज खोलने का क्या मतलब है?तो बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि – भाजपा की सरकार बनने के बाद पहले कॉलेजों की संख्या 1 से बढ़कर 10 हुई, फिर 2023 में सरकार बनने के बाद 10 से 15 की गईवहीं दूसरी ओर बृजमोहन के बयान और मंत्री श्यामबिहारी की प्रतिक्रिया पर पीसीसी चीफ दीपक बैज भी तंज कसते नजर आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से डॉक्टर्स की कमी है, ऐसे में बृजमोहन अग्रवाल की चिंता तो जायज है, लेकिन सीएम और स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में मेडिकल कॉलेज खोलने के औचित्य पर सवाल ने अब सियासत भी गरमा दी है, (CG Politics News) लेकिन जरूरी ये है कि प्रदेश में डॉक्टर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं जाएं। ताकि जनता को उपचार के लिए परेशान ना होना पड़े।

