Friday, February 20, 2026
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जाँच की आँच में देर-सबेर राजनीतिक वजूद झुलसने के डर से बेचैन भूपेश बघेल मिथ्या प्रलाप कर रहे – मूणत

00 नकली होलोग्राम मामले में बघेल की जुबान तब क्यों चली, जब ढेबर के खेत से नकली होलोग्राम का जखीरा पकड़ाया और साक्ष्य मिटाने वाले तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने शराब घोटाले से जुड़े नकली होलोग्राम की जब्ती के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आए बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि बघेल की ज्ञानेंद्रिय अब जाकर हरकत में आई है, जब एसीबी और ईओडब्ल्यू ने धनेली गाँव में छापा मारकर शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के खेत की खुदाई करके वहाँ से सैकड़ों अधजले नकली होलोग्राम का जखीरा जब्त किया। श्री मूणत ने कहा कि घोटाले के गिरफ्तार आरोपियों द्वारा पूछताछ के दौरान नकली होलोग्राम का सच स्वीकार करने के बाद भी भूपेश बघेल इस मामले में फिर मिथ्या प्रलाप करके नित नया प्रपंच फैलाते जरा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं।

मूणत ने कहा कि शराब घोटाले के मामले में बघेल द्वारा रचे जा रहे राजनीतिक प्रपंच की उम्र ज्यादा लंबी नहीं है। देर-सबेर इस मामले का पूरा सच सामने आएगा और फिर दोषी चाहे कोई भी हो, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी। बघेल यह बात अच्छी तरह समझ रहे हैं कि जाँच की आँच में देर-सबेर उनका राजनीतिक वजूद झुलसने वाला है, यही डर बघेल को बेचैन कर रहा है, उनसे मिथ्या प्रलाप करा रहा है। श्री मूणत ने सवाल किया कि आखिर नकली होलोग्राम मामले में बघेल की जुबान तब क्यों चली, जब ढेबर के खेत से नकली होलोग्राम का जखीरा पकड़ाया और साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई? बघेल होलोग्राम बनाने वाली फैक्ट्री को फर्स्ट बेनिफिशियरी बताकर आखिर अपने धत्कर्म पर कब तक पर्दा डालने की नाकाम कोशिश करते रहेंगे? फैक्ट्री मालिक गुजरात का होना इस पूरे मामले उतना मायने नहीं रखता, जितना यह मायने रखता है कि उस कम्पनी को प्रक्रिया का उल्लंघन करके होलोग्राम बनाने का टेंडर किसके शासनकाल में देकर नकली होलोग्राम बनवाए गए और फिर उसे छत्तीसगढ़ में शराब के गोरखधंधे में इस्तेमाल किया गया? बघेल को अब यह कैसे पता चला कि फैक्ट्री मालिक गुजरात का है? क्या बघेल बाकी का प्रलाप छोड़कर प्रदेश को इन सवालों का जवाब देने का माद्दा रखते हैं?

उन्होंने कहा कि शराब घोटाले को लेकर हो रही जाँच पर भूपेश बघेल कहते थे कि इसमें तानाशाही हो रही है, सरकार को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। शराब घोटाले के जो आरोपी है और जो गिरफ्तार हुए हैं, अब तो उन्होंने भी साफ कर दिया है कि हम नकली होलोग्राम बनाते थे। कांग्रेस की पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुए शराब घोटाले को लेकर लगातार हो रहे ताजा खुलासों और बरामदगी के मद्देनजर कांग्रेस के भ्रष्ट कारनामों को लेकर तीखा हमला बोलते हुए श्री मूणत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने शराब के गोरखधंधे को बढ़ावा देकर जितनी काली करतूतें की हैं, वह अब सामने आ रही हैं, इसलिए बघेल रोज बिफर रहे हैं। भूपेश सरकार न केवल शराब की कोचियागिरी कर रही थी, बल्कि नकली और अवैध शराब के जरिए एक तरफ जान-माल के साथ घिनौना खिलवाड़ तक कर रही थी तो दूसरी तरफ प्रदेश के सरकारी खजाने पर डाका डाल रही थी। अब यह बात अब आईने की तरह साफ हो गई है कि प्रदेश का शराब घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार की छत्रछाया में ही फल-फूल रहा था। जाँच के दौरान इस मामले की कलई खुलने से सशंकित तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेता अनर्गल प्रलाप कर जाँच एजेंसियों को केंद्र सरकार की एजेंट बताकर भ्रम फैलाते रहे, पर अब सच का सामना करने के लिए बघेल को तैयार हो जाना चाहिए।

मूणत ने कहा कि ताजा खुलासे और बरामदगी तो अभी इस पूरे घोटाले का ट्रेलर भर है, पूरी पिक्चर तो पर्दे पर अब आएगी। नित-नए चौंकाने वाले खुलासों की ऐसी खबरें तो अब लगातार आएंगी। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल, जो भ्रष्टाचार के तमाम खुलासों के मौकों पर भ्रष्टाचार के आरोपियों के वकील बनकर खड़े होते रहे हैं, शराब घोटाले को लेकर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश को गुमराह करते रहे। इस पूरे मामले में बघेल की भूमिका को भी जाँच के दायरे में लाने की मांग करते हुए श्री मूणत ने सवाल दागा कि शराब घोटाले के लिए ढेबर परिवार को संरक्षण देने के एवज में वह कितनी कीमत वसूल रहे थे? प्रदेश सरकार की जानकारी में इतना बड़ा घोटाला फल-फूल रहा था और बघेल इस मामले को लेकर अनभिज्ञता का पाखंड रचते रहे। न केवल शराब, बल्कि कोयला और महादेव एप समेत अन्य तमाम घोटाले में किंगपिन किसे कहा गया है, पॉलिटिकल मास्टर कौन है, यह अब किसी से छिपा नहीं है। श्री मूणत ने कहा कि इससे पहले कोयला घोटाले में भी बघेल की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं और उस पूरे घोटाले के ‘पोलिटिकल मास्टर’ के तौर पर बघेल का नाम हर जुबान पर है, तो अब बघेल प्रदेश को यह बताएँ कि क्या कोयला घोटाला की तरह ही शराब घोटाला के भी ‘पोलिटिकल मास्टर’ वह खुद ही थे?

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