Friday, February 27, 2026
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छत्तीसगढ़ में सहकार से समृद्धि अभियान, जानिए पैक्स डेयरी समेत कई समितियों का हाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों में नई सुविधा बढ़ाई जा रही है. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी, मत्स्य पालन के क्षेत्र पर भी ध्यान दिया जा रहा है. नई सहकारी समितियां बनाई जा रही है. वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने 25 दिसंबर को जगदलपुर में राज्य में गठित 300 से ज्यादा नवगठित बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारम्भ किया.

छत्तीसगढ़ के पैक्स और लैम्पस के बारे में जानिए: वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ में 2058 पैक्स और लैम्प्स हैं. इनके जरिए किसानों को कृषि ऋण, खाद बीज और दूसरी सेवाएं दी जा रही है. छत्तीसगढ़ में 500 नये बहुउद्देशीय पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है.

मंत्री केदार कश्यप का फोकस: मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दुग्ध उत्पादक कृषकों की आय बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस है. इसके लिए एनडीडीबी के साथ राज्य दुग्ध संघ और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय एमओयू किया गया है. छत्तीसगढ़ में 57 से ज्यादा नई दुग्ध समितियों का रजिस्ट्रेशन कर लिया गया है.

छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को मजबूती: छत्तीसगढ़ की 113 वन धन समितियों को भी प्राथमिक बहुउद्देशीय लघु वनोपज सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत किया गया है. 169 नई मत्स्य समितियों का गठन किया गया है. पिछले एक वर्ष में सहकारी बैंकों की 16 नई शाखाएं शुरू की गई हैं.पैक्स समितियों में 2058 माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराया गया है.

पैक्स समिति में सुविधाएं: छत्तीसगढ़ की 2014 पैक्स समितियों को कॉमन सर्विस सेन्टर की सुविधा है. 25 पैक्स समितियों में प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र प्रारंभ किया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक और 6 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में 300 से अधिक पदों पर भर्ती की कार्यवाही पूरी कर ली गई है और अभ्यर्थियों को नियक्ति पत्र दिया गया है. छत्तीसगढ़ के 2058 पैक्स में प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र स्थापित किया गया है.

प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद इन केन्द्रों में कृषकों को मिट्टी परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान और कृषि तकनीक संबंधी जानकारियां मिल सकेगी. अन्न भण्डारण योजना के तहत 200 मीट्रिक टन क्षमता के 725 नए गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 625 गोदामों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.

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