तिल्दा नेवरा -घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत को देखते हुए और लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों ने रसोई के लिए वैकल्पिक इंतजाम तलाशने शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी शहर में घरेलू सिलेंडर कंपनी वाले समय पर सिलेंडर देते आ रहे हैं इसीलिए कोई समस्या नहीं है। लेकिन जिनके पास कनेक्शन नहीं है और जो लोग सिलेंडर बाजार से खरीदते हैं उन लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में कई ऐसे दुकानदार हैं जो अवैध रूप से सिलेंडर बेचते हैं । ऐसे लोग 13 से 1400 रुपए में सिलेंडर बेच रहे हैं।
ऐसी स्थिति में घरेलू उपयोग के लिए अब बड़े पैमाने पर लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं. एलपीजी की सीमित उपलब्धता के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है. पहले जहां महीने में मुश्किल से चार–पांच इंडक्शन बिकते थे वहीं अब रोजाना कई पीस बिक रहे हैं।
नीरजकेसरवानी का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध नहीं होने की समस्या के चलते बड़ी संख्या में लोग अब इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। इसका असर यह है कि बाजार में इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक केतली, राइस कुकर और माइक्रोवेव जैसे उपकरणों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है।
बर्तन व्यापारी रजत केसरवानी ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में 10 गुना तक बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है और नए ऑर्डर देने पड़ रहे हैं।. दुकानदारों के अनुसार पहले जहां दिनभर में एक-दो इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, वहीं अब दर्जनों की संख्या में ग्राहक इन्हें खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया की 1600 वॉट से लेकर 3000 वॉट तक के हाई-पावर इंडक्शन की सबसे ज्यादा मांग है, क्योंकि ये जल्दी गर्म होते हैं और कम समय में खाना तैयार कर देते हैं.कई ग्राहक कमर्शियल इंडक्शन मांग रहे हैं, लेकिन बाजार में उपलब्धता बेहद कम है, जिसके कारण कई खरीदारों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के लिए कंपनियां तैयार नहीं थीं. इंडक्शन चूल्हों के कई आवश्यक कंपोनेंट विदेशों से मंगाए जाते हैं, जिनमें करीब 20% हिस्से चीन से आते हैं।
सप्लाई सीमित होने से उत्पादन बढ़ाना कंपनियों के लिए चुनौती बना हुआ है। हलाकि अभी कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बाजार में चर्चा है कि अगर कंपोनेंट की कमी बढ़ी तो दरें 5 से 10 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. बाजारों के अलावा ऑनलाइन मार्केट में भी इंडक्शन की बिक्री जोरों से हो रही है. इंस्टेंट डिलीवरी एप पर कई कंपनियों के स्टॉक खत्म हो गए हैं. ऑर्डर करने पहले इंडक्शन सोल्ड आउट बता रहे हैं।
फूड विभाग के अधिकारियों को कहना है कि यदि कोई ब्लैक में सिलेंडर बेचते हुए पकड़ा गया तो उनके ऊपर कड़ी और बड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को कहना है कि लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए।अभी घरेलू गैस की कोई समस्या नहीं है

