सरगुजा में रोपे गए 25000 से ज्यादा 3 फीट के स्थानीय प्रजाति के पौधे
तिल्दा नेवरा-रायपुर/बिलासपुर/सरगुजा/ बलौदाबजार/दुर्ग;
अदाणी समूह के चेयरमैन के 62 वें जन्मदिन पर अदाणी समूह द्वारा छत्तीसगढ़ में चार दिवसीय रक्तदान शिविर का का आयोजन किया ,इस शिविर में समूह के कर्मचारियों द्वारा 1700 यूनिट रक्तदान किया।
छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा, रायगढ़,भाटापारा और दुर्ग जिले में स्थित सभी परियोजनाओं में चार दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन 20 से 24 जून तक किया गया।जिसमें सभी परियोजनाओं में कार्यरत ठेका कामगारों के साथ-साथ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। हर साल 24 जून को अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के जन्मदिन पर पुरे भारत में संचालित संस्थानों के साथ-साथ विदेशों में स्थित समूह के सभी संस्थानों में रक्त दान के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है।

छत्तीसगढ़ में अदाणी समूह के अदाणी नेचुरल रिसोर्सेज के सरगुजा में 250 यूनिट रक्तदान के साथ साथ 25 हजार से ज्यादा स्थानीय प्रजाति के पौधों को भी रोपित किया गया। जबकि रायगढ़ स्थित गारेपेल्मा-3 परियोजना में 100 यूनिट ज्यादा रक्तदान किया गया। इसके अलावा अदाणी पॉवर लिमिटेडतिल्दा रायखेडा में 500 यूनिट और रायगढ़ में 300 यूनिट,अदाणी सीमेंट लिमिटेड के अंबुजा सीमेंट,भाटापारा में 230 यूनिट के साथ एसीसी सीमेंट,जामुल सयंत्र में 300 यूनिट रक्त दान किया गया, रेड क्रॉस के सहयोग से आयोजित रक्त दान शिविर में कुल 1700 यूनिट रक्तदान किया गया।
इस अवसर पर रायपुर स्थित समूह के राज्य कार्यालय के अधिकारियों द्वारा शहर के माना कैंप में स्थित वृद्धाश्रम में राशन आटा, चावल, दाल,शक्कर, रिफाइंड तेल,एलईडी बल्ब इत्यादि सहित फलों का दान भी किया गया।
शिविर में मौजूद मेडिकल टीम ने बताया कि रक्त दान करते समय दर्द सिर्फ एक सुई की चुभन से ज्यादा नहीं होता है। दान की प्रक्रिया, पंजीकरण तथा जलपान लेने तक मुश्किल से 20 से 30 मिनट लगते हैं। डोनेशन सेशन के दौरान सिर्फ 350-400 मि.ली. खून ही लिया जाता है। जबकि रक्तदान के बाद शरीर तेजी से नई कोशिकाओं का निर्माण कर इसकी आपूर्ति स्वयं ही कर लेता है। 18-60 वर्ष की आयु के बीच का कोई भी व्यक्ति जो फिट और स्वस्थ है, वह रक्त दे सकता है। 45 किलो से अधिक वजन वाला कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। वहीं बिना इन्सुलिन अर्थात गोलियों की मदद से अपने मधुमेह को नियंत्रित करने वाले व्यक्ति रक्तदान कर सकते हैं। जिनका रक्तचाप 100-140 सिस्टोलिक और 60-100 डायस्टोलिक के बीच नियंत्रित होता है, वे रक्तदान कर सकते हैं। और कोरोना वैक्सीन लिया हुआ व्यक्ति टीकाकरण के 14 दिन बाद और कोविड संक्रमण से ठीक होने के 28 दिन बाद रक्तदान कर सकता है। शिविर का आयोजन में अदाणी फाउंडेशन के साथ साथ मानव संसाधन विभाग तथा कॉर्पोरेट अफेयर्स विभाग का विशेष सहयोग रहा।
अदाणी समूह के द्वारा प्रदेश में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से सामाजिक सहभागिता हेतु समुदायों के साथ मिलकर विभिन्न सरकारों के कार्य संचालित किया जा रहा है। जिससे ग्रामों में विकास और समृद्धि के नए द्वार खुले हैं। इन प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की पहलें की जा रही हैं, जिससे संपूर्ण समाज का विकास संभव हो सके।

