रायपुर: भारत स्काउट एंड गाइड के छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर बीजेपी में मचा घमासान शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर भाजपा के सांसद और वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी।हाई कोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस इसमें भाजपा की चुटकी ले रही है।
बालोद में आयोजित स्काउट एंड गाइड का जंबूरी कार्यक्रम शुरू से ही विवाद का विषय बना हुआ है। पहले बिना ठेके के इसका टेंडर दिए जाने का मामला उठा, तो उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें असंवैधानिक तरीके से भारत स्काउट एंड गाइड के छत्तीसगढ़ परिषद के अध्यक्ष पद से हटाने को लेकर कोर्ट में याचिका लगाई। हाई कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर शासन से इसका जवाब मांगा है। जंबूरी को लेकर भाजपा नेताओं के आपस में उलझने पर कांग्रेस मजे ले रही है।
इस पर पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि भाजपा की सरकार पर उनके वरिष्ठ नेता और सांसद को भरोसा नहीं है। भाजपा के नेता और सांसद को न्याय के लिए कोर्ट जाना पड़ रहा है, तो आम जनता की क्या स्थिति होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला भ्रष्टाचार का है। सरकार ने इस मामले में विवाद खड़ा कर भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की है।
इस पर भाजपा नेता केदार गुप्ता का कहना है कि सब कुछ ठीक है, इसे राजनीतिक तूल नहीं देना चाहिए। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा था कि बृजमोहन जी मेरे बड़े भाई हैं, मैं उनसे घर जाकर मिलूंगा। जंबूरी कार्यक्रम बहुत अच्छे से हुआ, प्रदेश का नाम रोशन हुआ। मेहमाननवाजी से सरकार और प्रदेश दोनों का नाम हुआ है।
जंबूरी के आयोजन और स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष पद को लेकर जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेता आपस में उलझे हुए हैं, उसे देखकर ऐसा नहीं लगता है कि यह मामला जल्दी सुलझेगा। जिस तरह से भाजपा के वरिष्ठ नेता इस मामले में मौन हैं, उससे पार्टी की किरकिरी हो रही है, जिसे गंभीरता से लेने की जरूरत है

