रायपुर-छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार ओर कैबिनेट में फेरबदल को लेकर फैसले की घड़ी करीब मानी जा रही है। सरकार में नए मंत्रियों का ऐलान अब कभी-भी हो सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नाम तय कर लिए गए हैं, सिर्फ घोषणा बाकी है। इससे पहले नगरीय निकाय,और पंचायत चुनावों की वजह से ये ऐलान टलता रहा। लेकिन अब नए मंत्रियों को साय कैबिनेट में शामिल करने का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चूका है,
भाजपा के संगठन मंत्री शिवप्रकाश के आज सोमवार रात तक रायपुर पहुंचेंने की संभावना है । प्रदेश प्रभारी नीतीन नबीन कल 8 अप्रैल को रायपुर पहुंच सकते हैं। ये दोनों ही नेता संगठन की बैठक लेंगे।माना जा रहा है कि इसके बाद मंत्री के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा ..हालांकि, आधिकारिक तौर पर पार्टी की ओर से कहा गया है कि दोनों ही नेता भाजपा स्थापना दिवस के कार्यक्रमों की वजह से रायपुर आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पार्टी में महामंथन पिछले कई दिनों से चल रहा है। सीएम विष्णु देव कई बार दिल्ली का दौरा भी कर आए हैं बावजूद संशय बरकरार है। पिछली बार जब मुख्यमंत्री दिल्ली से लौटे थे तो उन्होंने कहा था कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि संगठन और सरकार के बीच एक आखिरी दौर की बातचीत होगी। इसके बाद नामों की घोषणा हो जाएगी। नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण राजभवन में करवाए जाने की चर्चा है। मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में अदला-बदली भी हो सकती है।
बीजेपी पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करती है तो उसमें कई नाम हैं। जैसे अमर अग्रवाल,अजय चंद्राकर,राजेश मूणत वहीं, अगर नए चेहरे की बात की जाए तो , पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव समेत कई नाम हैं। पुराने चेहरों के मुकाबले नए चेहरों को साय कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना ज्यादा है। वर्तमान में सीएम सहित 11 मंत्री हैं। कुल विधायकों का 15 प्रतिशत मंत्री बनाने के नियम है। बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद अब दो मंत्री और बनाए जा सकते हैं। यह मुख्यमंत्री के विवेक और विशेषाधिकार पर निर्भर है।हालांकि इसके लिए दिल्ली की सहमति ली जाएगी।
इधर, इस बात की चर्चा है कि मंत्रिमंडल से एक ओबीसी मंत्री को हटाया जा सकता है। बताया जाता है कि उसके कार्यों से पार्टी के कई बड़े नेता नाखुश हैं। साथ ही कार्यकर्ता भी उनसे काफी नाराज हैं। कार्यकर्ता इसकी शिकायत बड़े नेताओं के साथ संगठन से भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने मंत्री के क्रियाकलापों की रिपोर्ट पीओमओ दिल्ली को भी भेजी है। चर्चा हो रही है कि आखिर वो कौन भाजपा का विधायक होगा जो मंत्रिमंडल में होगा जो नाम अभी तक अनजान बना हुआ है।
हाल में निगमो में हुई नियुक्ति पर गौर करें तो उसमें कई ऐसे पुराने चेहरे शामिल किअए गए है, जो इसके पहले भी निगमो में रह चुके हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार में भी नए चहरो की अपेक्षा पुरानो को महत्व दिए जाने की संभावना प्रबल मणि जा रही है .दुरी तरफ इस बात की गुंजाइश कम है कि किसी मंत्री को हटाकर नए को शामिल किया जाएगा, बावजूद अगर, मंत्रियों को हटाया जाता है तो इसमें सबसे पहला नाम टंकराम वर्मा का होगा उसके बाद दयाल दास बघेल, और और स्वास्थ्य मंत्री जयसवाल के नाम है हलाकि यह मात्र आंकलन है लेकिन मंत्रिमंडल से कौन आउट होगा, जो बदनाम हो चुका है। इस पर गिरे परदे को उठने का सभी को इंतजार है।
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