तिल्दा नेवरा.हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करने से साधक को विशेष लाभ प्राप्त होता है।
प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार बेहद खास माना जा रहा है। पुराणों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि व्यापनी अष्टमी तिथि और रोहणी नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष 6 सितम्बर को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है और चंद्रमा वृषभ राशि, रोहिणी नक्षत्र, बुधवार होने से एक विशेष योग 30 सालों बाद निर्मित हो रहा है। इसीलिए इस वर्ष श्री कृष्ण जन्माष्टमी सुख, समृद्धि और मनोवांछित फल देने वाली मानी जा रही है।
जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 6 और 7 सितंबर को मनाया जाएगा. गृहस्थ जीवन वाले लोग 6 सितंबर को त्यौहार मनाएंगे. जन्माष्टमी का त्योहार भाद्रपद कृष्णअष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाता है, इस शुभ बेला में कुछ चीजों की खरीदारी अच्छी होती है,
01-कामधेनु गाय.. जन्माष्टमी पर कामधेनु गाय घर लाने से करियर कारोबार में तरक्की होती है, आप कामधेनु गाय की मूर्ति तिजोरी के स्थान पर रख सकते हैं..
02-बांसुरी– श्री कृष्ण की प्रिय बांसुरी जिस घर में होती है. वहां धन और प्रेम की कमी नहीं आती है. बांसुरी घर में रखना से गृह कलेश मिटता है ..
03-लड्डू-गोपाल यदि निसंतान है तो अपने घर की दीवार पर बाल गोपाल की तस्वीर लगाए. ऐसे घरों में कृष्ण का आशीर्वाद सदैव बना रहता है
04-गंगाजल-जन्माष्टमी पर आप गंगाजल घर ला सकते हैं, गंगाजल के प्रयोग से घर में नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सुख संभावना संपन्नता बढ़ती है.
05-चंदन. चंदन का तिलक लगाने से मन की को शांति मिलती है. क्यों कि माथे पर जिस जगह हम तिलक लगाते वहां आज्ञा चक्र होता है..
6-वीणा- घर के किसी शांत एकांत स्थान पर. वीणा रखने से मां सरस्वती की कृपा बरसती है. और घर के सभी सदस्यों की बुद्धि का विकास होता है..
07-शहद-जन्माष्टमी पर आप शहद ला सकते हैं, घर में शहद रखने से वास्तु के कई दोश शांत होते हैं, आप देवी देवताओं को इसका भोग लगा सकते हैं..