तिल्दा नेवरा -सिंधी समाज द्वारा सिंधी समाज के महान कर्मयोगी बलिदानी संत कंवरराम साहब की 140 वी जयंती रविवार 13 अप्रैल को संत कंवर राम चौक पर धूमधाम से मनाई गई।इस अवसर पर पूज्य संत को श्रद्धापूर्वक याद किया। संत कंवरराम की जयंती पर पूज्य सिंधी पंचायत ने उनका स्मरण किया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संत जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। पंचायत ने संत स्थापित संत जी के प्रतिमा स्थल को विकसित करने की मांग भी उठाई है।
वार्ड 6 में संत कंवरराम साह की प्रतिमा स्थल पर रविवार सुबह को आयोजित जयंती समारोह में पंचायत के वरिष्ठ सदस्य समाज सेवी हिरा नद हरी रमानी ने कहा कि संत कंवर राम साहब गरीबों के मसीहा थे। उनकी गिनती सूफी संतों में होती है। संत कंवर राम साहब ने ईश्वर की आराधना का संदेश दिया था, तथा अपने भक्ति गीतों के माध्यम से वे सीधे ईश्वर से जुड़ जाते थे। उनकी वाणी में मिठास थी। उनके गाए लोकगीतों को सुनकर लोग ईश्वर से जुड़ जाते थे। किंवदंती है कि एक बार उन्होंने मृत बालक को जीवित कर दिया था। पंचायत पदाधिकारियों ने संत कंवर राम साहब के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए सभी से मानव सेवा करने एवं आध्यात्मिक कार्य में भाग लेने का आह्वान किया।इस मौके पर महिलाओं के द्वारा भजन कीर्तन का आयोजन कर शरबत एवं प्रसाद का वितरण किया गया .चौक पर संत कंवर राम जी के द्वारा गाए गाए सूफी भक्ति के गीत और भजन चलते रहे .
.इस मौके पर सिंधी पंचायत के सदस्यों ने मांग उठाई कि संत कंवर राम साहब चुक का विस्तार क प्रतिमा स्थल के आसपास स्टीबेंच लगाई जानी चाहिए, ताकि संत जी के अनुयायी यहां आकर उनके दर्शन कर सकें। साथ ही संत के नाम पर एक प्रवेश द्वार बनाया जाए..पार्षद ने अस्वस्थ किया कि वह प्रवेश द्वार के लिए हर संभव प्रयास करेगे..इस अवसर पर पार्षद ज्योति नागवानी, डॉ श्रीचंद तालरिया,मोतीलाल हिंदूजा, समाज के अध्यक्ष शमन लाल खूबचंदानी,हिरानद हरिरमानी खेमचंद विरानी, सुरेश कुमार भागवानी,वासुदेव थावरानी, लक्ष्मीचंद नागवानी,भीमसेन भोजवानी, रमेश रामानी,संजय भोजवानी, राजकुमार नारवानी, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे