रायपुर। पन्द्रह साल के बाद क्यों पन्द्रह पर उतरे भाजपा ने पूरी तरह से सबक ले ली है ऐसा राजनीतिक प्रेक्षक बता रहे हैं इसलिए कि एक-एक सीट की टिकट पर काफी पड़ताल के बाद नाम ओके कर रहे हैं। दूसरी सूची में विलंब का एक प्रमुख कारण यही बताया जा रहा है कि दागदार चेहरा मैदान में नहीं उतारना है।
कोई भी पुरानी गलती नहीं दोहराना चाहते हैं। जो-जो गलतियां भाजपा ने पिछले चुनाव या फिर उप-चुनाव में की है, उनसे सबक लिया गया है।ऐसे में दागियों को टिकट देकर पार्टी किसी भी तरह के विवाद में नहीं पडऩा चाहती। बताया जाता है कि अभी पार्टी ने अगली सूची के लिए दो दर्जन दावेदारों के नाम काट दिए हैं। हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव बता रहे हैं केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद सूची जारी कर दी जाएगी।