.बच्चन-ठाकरे के बजाए मोदीजी को राखी बांध लेतीं.तो सारे मतलब सध जाते
वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी..

मुम्बई में महागठबंधन इण्डिया की तीसरी बैठक थोड़ी सी ठकठक के साथ संपन्न हो गयी। ये ठकठक तो जीवन का हिस्सा है। हर जगह, हर संगठन में ये ठकठक लगी रहती है। कभी नीतिशकुमार, तो कभी अरविंद केजरीवाल, तो कभी कोई और इस ठकठक को बल देते रहते हैं। अबकि बार जिसने ठोका है वो है ममता बैनर्जी। बैठक के बाद हुई प्रेस काॅन्फ्रेन्स में शामिल नहीं हुईं और वहां से निकल गयीं।
वे कदाचित् इस बात से नाराज बताई जाती हैं कि राहुल गांधी ने किसी से भी चर्चा किये बिना कुछ मुद्दे उठा दिये। टीएमसी ने बयान दिया है कि कांग्रेस से ऐसी कोई नाराजगी की बात नहीं है।
दिलचस्प बात ये है कि ममता बैनर्जी यहां संबंध बनाने को भी आतुर दिखीं। वहां पर वे बच्चन परिवार गयीं, जहां उन्होंने अमिताभ बच्चन को राखी बांधी और उद्धव ठाकरे के घर भी गयीं। यहां ठाकरे पिता-पुत्र को राखी भी बांधी।
शायद इसी को कहा जाता है ‘डूबते को तिनके का सहारा’। अमिताभ बच्चन के बारे में कहा कि अगर उनके हाथ में होता तो वे उन्हें भारत रत्न देतीं।
अपने रिपोर्टर चुन्नीलाल का कहना है कि इन सबको राखी बांधने से अच्छा है कि आप मोदीजी को राखी बांध लेतीं। जिस मकसद से राखियों की बौछार कर रही हैं वो अपने आप सध जाता।
खेला कितना भी करेंगी’कर्मों का फल जरूर भरेंगी
ममता बैनर्जी ने जैसा हिंसा का ताण्डव बंगाल में दिखाया वह अत्यंत भयावह है। सत्ता के लिये विरोधियों की जान ले लेना, घर से भागने पर मजबूर कर देना, महिलाओं की इज्जत लूट लेना किसी राक्षसी कृत्य से कम नहीं। लगता है अब ममता को उनके किये का दण्ड का वक्त आ गया है।रूपेन आर शाह नामक ज्योतिष की गणना के अनुसार आने वाला समय ममता बनर्जी के लिये कठिन होने वाला है।
इनके अंत की शुरूआत हो चुकी है ंराहुके राशि परिवर्तन के साथ 30 अक्टूबर 23 के बाद का समय इनके लिये अच्छा नहीं है।
प्रदेश में क्रांति
प्श्चिम बंगाल के लोगों को अपने अस्तित्व के लिये लड़ना पड़ेगा। जैसी परिस्थितियां बंगाल में बनती दिख रही हैं। शायद ममता बैनर्जी विरोध करने वाले राजनेताओं और निरपराध आम इंसान के प्रति और भी क्रूर हो रही हैं।
इस भविष्यवाणी में पहले भी कहा था कि पार्टी में विधायक बागी हो जाएंगे और ममता को नुकसान होगा। शुरूआत हो चुकी है।आने वाली राह बिल्कुल आसान नहीं है। पश्चिम बंगाल के लोगों के अंदर उबाल पनप रहा है। आम जनता कुढ़ रही है। ये उबाल फटेगा और क्रांति आएगी।
बंधन योग

ममता बैनर्जी की कुण्डली में बंण्धन योग बन रहा है जिससे शरीर में तकलीफ हो सकती है। दूसरा है सामाजिक बंधन योग जिससे पब्लिक के बीच छवि खराब और पार्टी में विरोध रहो सकता है।
इसके अलावा फरवरी 2024 में अंगारक योग बनेगा जिससे कानूनी बंधन योग भी बन सकता है।
एक समय ऐसा भी आ सकता है कि इनको कानूनी रूप से सजा मिले उनके किये का दण्ड इन्हें संविधान से मिल जाएं।
लांछन, जेल, मुसीबत
ज्योतिषाचार्य मुकेश वत्स का कहना है कि आपको अजीब लगेगा पर ममता बैनर्जी की कुण्डली, तृणमूल कांग्रेस की कुण्डली, प्रश्न कुण्डली आदि को कन्सर्ट कर यह गणना की गयी है।
यूं तो ममता बैनर्जी के चरित्र पर कोई उंगली नहीं उठा सकता लेकिन आने वाले समय में सफेद खद्दर की साड़ी की छवि दागदार हो जाएगी।
पार्टी के नौजवान साथी समस्या खड़ी कर सकते हैं। स्वास्थ्य खराब हो सकता है। राज पक्ष से नुकसान हो सकता है… जेल भी जा सकती हैं। लांछन झेलने पड़ेंगे।
भाजपा चुकाएगी बदला
ऐसे समय में एक पक्ष ये भी देखा जा सकता है कि ममता बैनर्जी ने जिस निरंकुश तरीके से विरोधी भाजपाईयों और कांग्रेसियों को कुचला और मारा है, उसका हिसाब वक्त लेने वाला है।
भाजपा के नेता गृहमंत्री अमित शाह इस हादसे को भुला देेंगे ये समझना नितांत नासमझी है। जैसे ही वक्त बदलेगा और ग्रह-नक्षत्र बदलेंगे, ईश्वरीय प्रेरणा से वे अपनी चाल चल सकते हैं और सजा देने के लिये कानूनी कदम उठा सकते हैं।
कुल मिलाकर ममता के लिये अच्छा नहीं दिख रहा है। बहुत कठिन समय होने वाला है।
ज्योतिष विज्ञान है
ज्योतिष विज्ञान है इसलिये इससे भविष्य के संकेत समझकर संभलकर आने वाली समस्या का समाधान करना चाहिये। जैसे किसी डाॅक्टर के पास जाने पर वो बताए कि आपके शरीर में शुगर बढ़ रही है और अगले छह महीने में आपको भयानक शुगर हो सकती है तो क्या इंसान रोने बैठ जाएगा ? नहीं न।
इंसान ये करेगा कि उसी दिन से डाॅक्टर से सलाह लेकर ऐसी चीजों का सेवन बंद कर देगा जिससे शुगर बढ़ती है और ऐसे काम करने लगेगा जिससे शुगर दूर होती है।
जाहिर है ऐसी सावधानियों से वह शुगर की भयावहता से बच जाएगा और शुगर होगी भी तो कम, नियंत्रित किये जाने लायक।
उसी तरह ज्योतिषी अगर ममता बैनर्जी को आने वाले संकट की जानकारी दे रहे हैं तो उन्हें तत्काल अपने कर्म सुधारने चाहियंे और संकट कट जाए ऐसे उपाय करने चाहिये अन्यथा तो उनके लिये मुसीबतों का पहाड़ तैयार खड़ा है।