मेरे देश की धरती सोना उगले…’ नीरज चोपड़ा की जीत से गदगद हुए गावस्कर, खेल को लेकर कही यह बात

वीसीएन टाइम्स
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लिटिल मास्टर बुडापेस्ट में नीरज के विश्व चैंपियन बनने के विजयी क्षण को देखकर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के पल को भी याद किया, जब नीरज ने स्वर्ण जीता था।

महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा है कि भारत अगले 10-15 वर्षों में एक ‘खेल देश’ के रूप में उभरेगा। उन्होंने उन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा, शतरंज के प्रतिभाशाली रमेशबाबू प्रगनाननंदा और बैडमिंटन स्टार एचएस प्रणय की ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना की।

नीरज रविवार को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए, जबकि प्रगनाननंदा ने पिछले हफ्ते 18 साल की उम्र में विश्व कप फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। प्रणय ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के रास्ते में दुनिया के नंबर वन बैडमिंटन प्लेयर विक्टर एक्सेलसन को हराया। भारतीय क्रिकेट आइकन गावस्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा- पहले आप देखते थे कि केवल कुछ ही खेलों के बारे में बात की जाती थी, मीडिया कवरेज केवल उन्हीं के लिए होता था। अब सभी खेलों को एक आउटलेट और एक्सपोजर मिल गया है और अन्य खेलों के कारण हम नए सितारों का उभरते हुए देख सकते हैं।

लिटिल मास्टर बुडापेस्ट में नीरज के विश्व चैंपियन बनने के विजयी क्षण को देखकर बेहद खुश नजर आए। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के पल को भी याद किया, जब नीरज ने स्वर्ण जीता था। गावस्कर ने कहा- मुझे याद है जब उन्होंने (नीरज चोपड़ा) ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था, तब भारत-इंग्लैंड सीरीज चल रही थी। मैं इंग्लैंड से देख रहा था और मैं ‘मेरे देश की धरती सोना उगले…’ गाना गाने लगा था। रविवार को नीरज को देखकर भी मुझे ऐसा ही अनुभव हुआ।’
गावस्कर ने कहा- हमने नीरज को दो साल पहले देखा था जब उन्होंने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। पिछले साल उन्होंने रजत पदक जीता था, लेकिन उनके लिए स्वर्ण पदक जीतना महत्वपूर्ण था और लंबे थ्रो के साथ उन्होंने ऐसा किया। दूसरी ओर वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रणय सेमीफाइनल तक पहुंचे और उन्होंने विक्टर एक्सेलसेन को हराया। आप देखें कि भारतीय खिलाड़ियों को कितना एक्सपोजर मिल रहा है। अगर आप अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को खेल देश के रूप में सोचते हैं, तो मुझे लगता है कि 10-15 साल में भारत भी खेल देश कहलाएगा।
भारत के पूर्व कप्तान ने कहा कि नीरज चोपड़ा की ऐतिहासिक उपलब्धियां दूसरों को भाला फेंकने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा- यह अन्य (एथलीटों) को प्रेरित करता है। आपने देखा होगा कि इस विश्व चैंपियनशिप में सिर्फ नीरज ही नहीं थे, फाइनल में हमारे तीन थ्रोअर थे। जब एक एथलीट अच्छा प्रदर्शन करता है तो इससे दूसरों को भी इस खेल को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। यह खुशी का पल था।
गावस्कर ने अपने शुरुआती करियर में ही कई पुरस्कार जीतने वाले प्रगनाननंदा का भी समर्थन किया। गावस्कर ने कहा-  प्रगनाननंदा उपविजेता रहे। वह सिर्फ 18 साल के हैं। आगे चलकर वह भविष्य में कई खिताब जीत सकते हैं।
एशिया कप में श्रीलंका को कम न आंकें’
भारत के पूर्व कप्तान ने क्रिकेट के बारे में भी बात की और कहा कि एशिया कप में भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता की चर्चा के बीच श्रीलंका को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा, “एशिया कप में हम भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन यह मत भूलिए कि श्रीलंका भी वहां है और वे एशिया कप जीतते रहे हैं। इन तीन देशों के बीच प्रतिद्वंद्विता हमेशा कुछ खास होती है।

गावस्कर ने विश्व कप सेमीफाइनल के लिए अपनी पसंदीदा टीम चुनने से भी इनकार कर दिया और कहा कि वह केवल भारत के प्रदर्शन को लेकर सोचते हैं। उन्होंने कहा- मुझे केवल भारत में दिलचस्पी है। मुझे दूसरों के सेमीफाइनल में पहुंचने की चिंता नहीं है। भारतीय क्रिकेटरों के वर्कलोड मैनेजमेंट के सवाल पर गावस्कर ने कहा कि जिन खिलाड़ियों को परेशानी है उन्हें आराम देना महत्वपूर्ण होगा। गावस्कर ने कहा- प्रत्येक व्यक्ति अपने शरीर को सबसे अच्छे से जानता और समझता है। फिजियोथेरेपिस्ट भी जानता है। खिलाड़ियों को पता है कि उन्हें कहां परेशानी है और उनका शरीर कहां विफल हो रहा है। उस खिलाड़ी को आराम देना जरूरी है क्योंकि अगर आप उस समय उसे तीन-चार दिनों के लिए आराम नहीं देते हैं, तो वह चोट बढ़ सकती है।
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