केंद्रीय हो या राज्य की एजेंसी एक-दूसरे से करें जानकारी साझा
उन्होंने बताया कि हमने यहां न केवल छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग की सारी तैयारियों की समीक्षा की बल्कि प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, सभी संभागों के आयुक्त तथा पुलिस रेंजों के महानिरीक्षक के साथ बैठक कर विधानसभा आम निर्वाचन की तैयारियों की जिलेवार समीक्षा की। यहां कई दुर्गम इलाकें हैं, जहां चुनाव आयोग की टीम बहुत चैलेंजेस फेस कर जाती है और सफलता पूर्वक निर्वाचन कार्य संपन्न कराती है। उन्होंने बताया कि आगामी चुनाव को लेकर सारे एजेंसियों, चाहे वह केंद्रीय हो या राज्य की सख्त हिदायत दी गई है कि वे एक दूसरे से जानकारी साझा करें। एक-दूसरे से समन्वय बनाकर कार्य करें। चाहे वह शराब का मामला हो या रुपए बांटने का सख्त कार्रवाई की जाए। खासकर चैक पोस्ट पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी गई है। इसी तरह सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के अंतर्गत फेक न्यूज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अफसरों को स्पेशल सेल का गठन करने कहा गया है। सभी को अपने प्रत्याशी के बारे में जानना चाहिए, इसके लिए नो योर केंडिडेट एप से जानकारी मिल सकेगी। इसमें प्रत्याशियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी। साथ ही प्रत्याशियों को अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी देना अनिवार्य है। अखबार में कम से कम तीन बार प्रकाशित करवाना अनिवार्य है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव आयोग की तरफ से छत्तीसगढ़ वासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए आगामी चुनाव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया 11 सितंबर तक बढ़ाई गई
राजीव कुमार ने बताया कि राजनीतिक दलों से उन्हें सुझाव मिले हैं। मतदाता पुनरीक्षण की तारीख 31 अगस्त से बढ़ाकर 11 सितंबर कर दी गई है। अब 11 सितंबर तक नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया चलेगी। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों से सुझाव मिले है, कि चुनाव प्रचार सामग्री वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए। चुनाव में प्लास्टिक का उपयोग कम किया जाए। बता दें कि मतदाता सूची में संशोधन की तारीख 10 दिन तक बढ़ाई गई है, 11 सितंबर तक अब फॉर्म स्वीकार किए जायेंगे।
मतदाताओं से लोकतंत्र के उत्सव में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने की अपील
अधिकारी ने आगे बताया कि राज्य में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 24,109 है. उनमें से 900 ‘संगवारी’ बूथों का प्रबंधन महिला कर्मियों द्वारा किया जाएगा, जिनमें महिला सुरक्षा कर्मचारी भी शामिल हैं और PwD प्रबंधित बूथ 90 होंगे। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर शौचालय, व्हीलचेयर और अन्य जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने मतदाताओं से सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने की अपील की है।