छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में पड रहे ईडी के छापों को लेकर कोर्ट से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छापों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि प्रजातंत्र खतरे में है, ऐसे में कोर्ट की बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है उसे हस्तक्षेप करना चाहिए ,और इस पर रोक लगनी चाहिए।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि ईडी कथित शराब घोटाला, कथित कोयला घोटाला और अब सट्टा महादेव ऐप को लेकर लगातार छापे मार रही है ।उन्होंने बताया कि ईडी का आरोप है कि नकली होलोग्राम के जरिए शराब में गड़बड़ी की गई है, बघेल ने कहा कि हमने राज्य की शराब नीति में कोई बदलाव नहीं किया है। भाजपा की जो नीति थी उसी पर हम कम कर रहे हैं। इसके बावजूद राजस्व 3900 करोड़ से बढ़कर 5600 करोड़ पहुंच गया है। यदि कोई गड़बड़ी हुई तो अब तक किसी भी शराब निर्माता से पूछताछ क्यों नहीं की गई है..। इसी तरह कोयला मामले में भी उन लोगों से पूछताछ नहीं कर रही है जो इसमें लाभार्थी है, यानी जिनको इससे लाभ होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के 85% खदान सीईसीएल द्वारा संचालित किए जाते हैं लेकिन इडीने अब तक सीईसीएल के किसी भी आधिकारिक कर्मचारी से पूछताछ नहीं की है।
बघेल ने कहा कि इडी इन दोनों मामलों में अभी तक जितना घोटाला और भ्रष्टाचार बता रही है, उसकी आधा भी संपत्ति जप्त नहीं कर पाई है ।दूसरी तरफ अब धान की मीलिग में घोटाला खोजने लगी है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और दो ओएसडी के यहां पड़े छापों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईडी केबल परेशान करने का काम कर रही है। बघेल ने बताया कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन था तब भी ईडी ने इसी तरह कांग्रेस के नेताओं के यहां छापा मारा था।
सीएम ने कहा अभी डीएमएफ में भी भारत सरकार के द्वारा माइनिंग डायरेक्टर को चिट्ठी लिखते हैं कि, कितना काम हुआ. वह हमको बताएं। ऐसे ही रजिस्टार को भी सवाल किया जाता है की जमीन के कितने रजिस्ट्री जब से हमारी सरकार बनी है तब से कितनी हुई है।
सीएम ने कहा कि ईडी करती क्या है? येघरों में जाते हैं, सबसे पहले मोबाइल जप्त, संपत्ति, रुपया, नगदी और ज्वेलरी, डायरी, बैंक खाता, को सीज करते हैं। 5- 6 दिन तक बंधक बनाकर रखते हैं। चाहे घर में वृद्ध माता-पिता हो या बीमार उसे जांच टीम को कोई लेना-देना नहीं होता है, बैठे रहेंगे सवाल उनके पास होता नहीं है, जब तक के आदेश ऊपर से नहीं आए तब तक के घर को खाली नहीं करते। इसके बाद यह राजनीतिक सवाल करते आप किस पार्टी से हो, तुम्हारी क्या भूमिका है ऐसे-ऐसे सवाल पूछते हैं। ये लोग प्रताड़ित कर बदनाम करने की कोशिश करते हैं।
सीएम ने कहा मेरे राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और ओएसडी है उनके घर पर भी पहुंच गए. लेकिन मिला कुछ भी नहीं। दिन भर बिठाकर रखे ।इसका मतलब अब पाटन में भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी नहीं लड़ेगा, बल्कि ईडी और आईटी चुनाव लड़ेंगे ।भारतीय जनता पार्टी ईडी और आईटी के माध्यम से लोगों को प्रताडीत कर मारपीट और डरा धमका कर उन्हें डरा रहे हैं। लोगों को पूछताछ के नाम पर सोने नहीं दिया जा रहा है ।रात-रात भर पूछताछ की जा रही है।