नहीं रुलाएंगे प्याज के दाम, कीमतों पर काबू पाने 40 फीसदी निर्यात शुल्क

वीसीएन टाइम्स

त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। टमाटर के दाम सामान्य होने के बाद आशंका जताई जा रही थी कि अब प्याज की कीमतें आम आदमी को रुलाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा। केंद्र सरकार ने प्याज की आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को काबू में रखने के लिए 40 फीसदी निर्यात शुल्क लगाया है। त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है। आम तौर पर मानसून के बाद प्याज महंगा हो जाता है। शनिवार को प्याज पर 40फीसदी निर्यात शुल्क लगाने का फैसला लिया गया, जो 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगा।

इस साल यह पहला मौका है जब सरकार ने प्याज के निर्यात पर शुल्क लगाया है। इससे पहले 2020 में सितंबर से दिसंबर तक प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया था और 2019 में न्यूनतम निर्यात मूल्य तय किया था।सरकार नहीं चाहती कि महंगाई के आंकड़ों पर प्याज की कीमतों का असर पड़े। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक द्वारा मापी गई खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में 15 महीने के उच्चतम स्तर 7.4फीसदी पर पहुंच गई थी, जो पिछले महीने के 4.9 फीसदी से अधिक रही। पीएम मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और नागरिकों पर बोझ को कम करने का वादा किया है।

प्याज के निर्यात पर क्यों लगाना पड़ा शुल्क

इस साल जनवरी से मार्च की अवधि में प्याज का निर्यात असाधारण रूप से उच्च स्तर पर लगभग 8.2 लाख टन रहा है, जबकि पिछले साल इस अवधि में यह 3.8 लाख टन था। सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में मानसून के देरी से आने के कारण खरीफ की बुआई में देरी हुई।यही कारण रहा है कि प्याज समेत अन्य जरूरी सब्जियों की औसत खुदरा कीमत एक महीने पहले के 25 रुपये की तुलना में बढ़कर 30 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *