एंकर]तिल्दा नेवरा में भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव चेट्री-चंड्र का पर्व सिंधी समाज के द्वारा भक्ति और आस्था के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया। इस मौके पर झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल की विशेष पूजा अर्चना कर बहराणा साहब सजाया गया। सुबह सिंधी समाज के द्वारा बाइक रैली निकाली गई, दोपहर को आम भंडारा हुआ और शाम को भगवान झूलेलाल की विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में समाज के उत्साहित युवक. युवतिया नित्य भजन करते हुए चल रही थी वही जगह-जगह पर डांडिया नृत्य की भी प्रस्तुति दी गई।
वाईस]भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव को लेकर सिंधी समाज में भारी उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में भक्तों का आना जाना लगा रहा। सुबह 7 झूलेलाल मंदिर में भगवान झूलेलाल का दुग्धाभिषेक कर गंगा के पवित्र जल से स्नान कराया गया। पश्चात भगवान का विशेष श्रंगार कर भगवान झूलेलाल को नए वस्त्र धारण कराए गए। सुबह की विधिवत आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। पश्चात मंदिर में महिलाओं के द्वारा भजन कीर्तन आयोजित किया गया।
वाईस]]सुबह 10 झूलेलाल मंदिर से समाज के द्वारा बाइक रैली निकाली गई जो शहर का भ्रमण कर झूलेलाल मंदिरमें आकर समाप्त हुई। दोपहर 1 बजे आम भंडारा हुआ जिसमें समाज के लोगों ने परिवार के साथ आकर प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण किया, भंडारे में सिंधी समाज के साथ अन्य समाज के लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। शाम को भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा बहराणा साहब के साथ बाजे गाजे के साथ निकाली गई।
एंकर]शोभा यात्रा में भगवान झूलेलाल की मूर्ति रथ पर विराजमान की गई थी इसके पीछे सिंधी समाज की युवतियां महिलाएं ,पुरुष, युवा, बुजुर्ग आयोलाल -झूलेलाल का जयकारा लगाते नाचते गाते हुए चल रही थे .. सिंधी समाज का लोकप्रिय डांडिया नृत्य भी जगह-जगह पर प्रस्तुत किया गया.. झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा कंवर राम चौक से होते हुए स्टेशन चौक पहुंची.. यहां सिंधी व्यापारी संघ के द्वारा कन्हैया थावरानी प्रकाश मेघानी के नेतृत्व में शोभायात्रा का स्वागत कर प्रसाद व शरबत का वितरण किया गया.
वाईस]इसी तरह सिंधी कैंप में दैनिक रेल यात्री संघ के श्यामलाल बालचंदानी, जसपाल बचवानी, सुनील निहिलनी, इंद्र कुमार हरी रमानी, हरीश छाबड़ा, इंद्र कुमार बचवानी के नेतृत्व में शोभा यात्रा का स्वागत कर जलपान का वितरण किया गया। इसके अलावा गुरु नानक चौक पर भी शोभायात्रा का स्वागत कर मिष्ठान का वितरण किया गया नेवरा में डॉक्टर चंद्रपाल के द्वारा शोभायात्रा का स्वागत कर ठंडाई का वितरण किया गया।
एंकर]शहर भ्रमण के बादशोभा यात्रा का विसर्जन नेवरा के बड़े तालाब में विशेष आरती के साथ, ज्योति कलश विसर्जित कर किया गया इस मौके पर भगवान झूलेलाल का पल्लह पाया गया। जिसमें शहर प्रदेश व देश के खुशहाली की कामना की गई। शोभायात्रा में सिंधी समाज के प्रमुख शमनलाल खूबचंदानी,खेमचंद विरानी, हीरानंद हरिरमानी, शमनलालतेजवानी, श्रीचंद विरानी, भीमसेन भोजवानी, सुंदर दास पंजवानी. श्याम लाल बालचंदानी. रोशन आहूजा,पार्षद राजेश कोटवानी,दिलीप निहिचलानी, मोतीराम देवानी,अवि निहिचलानी, राजेश चदानी, आयुष कोटवानी, जयपाल माधवन रमेश विरानी, देवदास देवानी सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए…
भगवान झूलेलाल जी सिंधी समाज के आराध्य देवता माने जाते हैं। वे जल देवता के रूप में पूजे जाते हैं और समाज को एकता, भक्ति और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। चैतीचांद पर्व उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उनका जन्म विक्रम संवत 1007 में सिंध प्रदेश (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। इस अवसर पर सिंधी समाज विशेष रूप से पूजा-अर्चना करता है और शोभायात्रा निकालकर उनकी महिमा का गुणगान करता है। कार्यक्रम की सफलता में समस्त सिंधी समाज का योगदान रहा, जिन्होंने इस पावन अवसर को उल्लास एवं भक्ति भाव से मनाया।