कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से गंभीर मामला सामने आया है। प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में छात्र बच्चों को हॉस्टल का टॉयलेट साफ करते देखा गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्रों के हाथ में किताबों की जगह झाड़ू दिखाई दे रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला कवर्धा जिले के वनांचल के बोड़ला क्षेत्र स्थित प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास का है। यहां से सामने आए वीडियो ने शिक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।वीडियो में देखा जा सकता है कि हॉस्टल के टॉयलेट की सफाई कोई सफाईकर्मी नहीं बल्कि वहां रहने वाले छात्र कर रहे हैं।
वीडियो में छात्र टॉयलेट के साथ पूरे परिसर की भी सफाई कर रहे है। इस पूरे मामले में छात्रों ने बताया कि हॉस्टल का अधीक्षक अक्सर अनुपस्थित रहता है। मामले के सामने आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस छात्रावास में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि छात्रावास के अधीक्षक जोहारी सिंह ध्रुवे अक्सर नदारद रहते हैं। रसोईया और बच्चों के अनुसार अधीक्षक सप्ताह में सिर्फ एक दिन औपचारिक रूप से हाजिरी लगाने आते हैं । इसके बाद छात्रावास की जिम्मेदारी पूरी तरह रसोईया के भरोसे छोड़ दी जाती है। भोजन से लेकर व्यवस्थाएं रसोईया ही संभाल रहा है। यह मामला न केवल आदिवासी बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।वहीं जिम्मेदार अधिकारी ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।