तिल्दा नेवरा _ छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम स्वप्नदृष्टा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और साहित्यकार,डॉ खूबचंद बघेल की जयंती के अवसर पर डॉ खूबचंद बघेल शिक्षा समिति द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ ताराशिव में बुधवार को डॉ खूबचंद बघेल कि 123 वा जयंती मनाई गई ।
इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद विद्यापीठ ताराशिव के अध्यक्ष संतराम वर्मा ने डॉ खूबचंद बघेल को उनको नमन करते हुए कहा कि खूबचंद जी किसान-मजदूर हितैषी और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर जीवन के अंतिम समय तक छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे।डॉ साहब ने अपना पूरा जीवन छत्तीसगढ़ के हित चिंतन में लगाकर समाज को एक नई दिशा प्रदान की।डॉ खुबचंद बघेल जी गांव-गांव जाकर युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन से जोड़ा। साथ ही सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी लड़ाइयां लड़ी।
इस अवसर पर योग शिक्षक टी.पी. शर्मा, प्रधानाचार्य केंवरा वर्मा,संतोषी वर्मा, सरिता वर्मा,सुमन वर्मा, चंपा वर्मा,दीप्ती साहू , विद्या वर्मा,कु.रुचिका साहू सहित स्कूल के सभी छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।