सरगुजा-पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के एनकाउंटर पर कहा कि, पुरातन काल में प्रभु श्रीराम ने जैसा रावण के साथ किया था, वैसा ही सरकार अब नक्सलियों के साथ कर रही है। सिंहदेव ने कहा कि पहले शांति वार्ता की कोशिश, फिर हथियार का जवाब हथियार से देना राजतंत्र की पुरानी नीति है। श्रीराम ने भी वहीं किया था। सरकार भी ऐसा ही कर रही है।
टीएस सिंहदेव का यह बयान 5 अप्रैल को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ के बस्तर प्रवास के बाद आया है। टीएस सिंहदेव ने नक्सलियों के एनकाउंटर को लेकर कहा कि, ये सदियों से चली आ रही नीति है। यह आज के सरकार की, कोई कांग्रेस या भाजपा सरकार की नीति नहीं है। कोई भी राजतंत्र यही करता है। पुरातन में रामचंद्र जी ने क्या किया।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि, भगवान श्रीराम ने पहले रावण को संदेश भेजा होगा, समझाया होगा कि मुख्य धारा में आओ, शांति वार्ता करो, लेकिन रावण ने हरण किया। दानव ऋषि मुनियों के यज्ञों को भंग करते थे। मना करने के बाद भी उनका यही रवैया रहता था। इसके बाद श्री रामचंद्र जी ने शस्त्र उठाया और रावण का वद्य किया।
सिंहदेव ने कहा कि, आज सरकार भी वहीं काम नक्सलियों के साथ कर रही है। सरकार ने भी नक्सलियों के साथ पहले शांति वार्ता करने का प्रयास किया। उन्हें मुख्य धारा में लौटने कहा, लेकिन उन्होंने हथियार उठाया। ऐसे में हथियार का जवाब हथियार से देना पड़ रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक साल में दक्षिण छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के खात्मे का दावा किया था तो दिए गए टाइमलाइन को लेकर टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, इस समय सीमा की बाध्यता में बेगुनाह न मारे जाएं, इसका ख्याल रखा जाना चाहिए।
बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ हो रही लगातार कार्रवाई पर टीएस सिंहदेव ने पूर्व में केंद्र और राज्य सरकार की तारीफ भी की थी।