रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बजट सत्र से पहले आज मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई…। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए साथ ही 4 विधेयक को मंजूरी दी गई है…। स्टाम्प शुल्क संशोधन विधेयक, लोकतंत्र सेनानी (आपातकाल के आंदोलनकारी) सम्मान विधेयक,. तीसरे अनुपूरक बजट और 2025-2026 के बजट अनुमान को कैबिनेट से मंजूरी मिली है। इसके अलावा भी अहम फैसले लिए गए हैं।छत्तीसगढ़ कैडर के IFS अफसर जो सेवा के 30 साल पूरा कर चुके हैं। उन्हें APCCF को PCCF के बराबर पेमेंट दी जाएगी। ये विधेयक अब विधानसभा में 24 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में पेश होंगे।
आज हुई कैबिनेट बैठक में –वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए तीसरे अनुपूरक बजट का अनुमोदन किया गया, जिसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। वर्ष 2025-2026 के बजट अनुमान को भी विधानसभा में पेश करने के लिए मंजूरी दी गई।किसानों को बेहतर और उन्नत बीज उपलब्ध कराने के लिए बीज खरीद के नियमों में बदलाव किया गया…। अब बीज निगम सबसे पहले पंजीकृत किसानों से बीज खरीदेगा, जरूरत पड़ने पर सहकारी समितियों, सरकारी एजेंसियों और अन्य मान्यता प्राप्त संस्थाओं से भी न्यूनतम कीमत पर बीज खरीदे जाएंगे..। लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने के लिए छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई,,। फरवरी-मार्च 2025 में होने वाले विधानसभा के सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया..। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में किसानों से खरीदे गए धान की शेष राशि के भुगतान के लिए विपणन संघ को 3300 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई..। बैंक गारंटी से जुड़े दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क तय करने के लिए भारतीय स्टाम्प अधिनियम-1899 (छत्तीसगढ़ संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दी गई….। भारतीय वन सेवा के 1992 से 1994 बैच के अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक आधार पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के समान वेतनमान देने के लिए नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया…।
इससे पहले दिसंबर 2024 में साय कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई थी। जिसमें साय सरकार ने राइस मिलर्स के साथ विवाद के बाद उसे सुलझाने की कोशिश की थी, सरकार ने तय किया था कि, मिलर्स को प्रोत्साहन राशि की दूसरी किश्त जारी की जाएगी,,। लंबे समय से भुगतान की मांग को लेकर मिलर्स और सरकार के बीच तनातनी चल रही थी।
पिछली कैबिनेट मीटिंग के अहम फैसले-
- चौथे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर शासन की एक्शन टेकन रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
- फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया। अब इसके राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) की धनराशि को एडजस्ट की जाएगी।
- खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में धान और चावल परिवहन की दर के लिए ’’राज्य स्तरीय समिति’’ की अनुशंसा दर स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन किया गया।
- खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में राइस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की दूसरी किश्त दिए जाने का निर्णय लिया गया है।