रायपुर। फोर्टीफाइड चावल की महत्वाकांक्षी योजना हेतु लगने वाले एफआरके चावल के लिए छत्तीसगढ़ में नाफेड द्वारा पिछले दिनों टेंडर बुलाया गया था। इसमें कुछ ऐसे नियम लगाए गए थे जिससे कुछ विशेष एफआरके निर्माताओं को ही लाभ हो रहा था। प्रदेश राईस मिल एसोसिएशन की ओर से इसमें हुई अनियमितता की शिकायत भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों में की गई थी।

जिस पर भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय की ओर से संज्ञान लेते हुए अस्टिेंट डायरेक्टर(एस एंड आर)डा.प्रीति शुक्ला ने छत्तीसगढ़ शसन के सचिव ,फूड सिविल सप्लाइज एंड कंज्यूमर प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट को पत्र लिखा है कि नाफेड द्वारा निकाले गए टेंडर को निरस्त करने कार्यवाही की जाए व नाफ़ेड की उक्त प्रक्रिया की जाँच कर केन्द्रीय मंत्रालय को अवगत कराने कहा है। केंद्र सरकार को एसोसिएशन के पत्र पर त्वरित कार्यवाही के लिए योगेश अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया है।

