तिल्दा नेवरा -कल सोमवार 14 जनवरी को हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार मकर संक्रांति पूरे देश में मनाई जाएगी मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है.. इस दिन क्या दान करना चाहिए. किस विधि से पूजा करनी चाहिए आई बताते हैं VCN टाइम्स की इस खास रिपोर्ट में…
मकर संक्रांति का त्योहार धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. पुराणों के अनुसार, इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से मिलने आते हैं, जो मकर राशि के स्वामी हैं. यह त्योहार पिता और पुत्र के बीच एक स्वस्थ रिश्ते का प्रतीक है. मकर संक्रांति भगवान विष्णु की असुरों पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाईजाती है. इस बार मकर संक्रांति कल यानि कि 14 जनवरी को मने जाएगी ..
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व है. दरअसल, सूर्य हर माह मेष से लेकर मीन राशि में गोचर करते हैं इसलिए हर माह संक्रांति होती है. सूर्य के मकर राशि में गोचर करने को मकर संक्रांति कहते हैं. सनातन धर्म में इस दिन को पर्व के रूप में मनाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन से सूर्य के प्रभाव में तेजी आती है. मकर संक्रांति का पर्व पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है.इसी दिन से खरमास खत्म होता है और शुभ व मांगलिक कार्यों जैसे शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि की शुरुआत होती है. इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी मनाई जाएगी.
उदयातिथि के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी 2025 को ही मनाई जाएगी. इस दिन सूर्य सुबह 8 बजकर 41 मिनट मकर राशि में प्रवेश करेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति पुण्य काल का समय सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा और महापुण्य काल का समय सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा और महापुण्य काल का समय सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.
मकर संक्रांति पूजन विधि
इस दिन पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर साफ सफाई कर लें. इसके बाद यदि संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें यदि ऐसा करना संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें. यदि आप व्रत रखना चाहते हैं तो इस दिन व्रत का संकल्प लें. संभव हो तो इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है और फिर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़ें और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ जरूर करें. अंत में आरती करें और गरीबों.को दान करें क्योंकि इस दिन दान करने का विशेष महत्व है.
मकर संक्रांति के दिन करें ये काम
मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पूजा-पाठ करें. इसके साथ ही सूर्यदेव को जल भी अर्पित करना चाहिए.
मकर संक्रांति के दिन दान देना काफी शुभ माना जाता है इस दिन तिल-गुड़ और खिचड़ी का दान करना अच्छा होता है.
मकर संक्रांति के दिन पितरों का तर्पण करना शुभ माना जाता है. इस दिन पितरों का तर्पण करना शुभ माना जाता है. इस दिन तर्पण करने से घर में पितृदोष दूर होता है,साथ ही पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है.
माना जाट है मकर संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. सबसे उत्तम गंगा स्नान होता है. इस दिन गंगा जल से स्नान करें और घर में भी छिड़काव करें.
मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है आप भी इस दिन काले तिल,खिचड़ी, उड़द की दाल या घी से बनी चीजों का दान जरूर करें.
मकर संक्रांति त्योहार का पुरे देश में अलग-अलग नामों व अलग-अलग मान्यताओं के साथ मनाया जाता है जैसे लोहड़ी, पोंगल, उत्तरायण, बिहू और गुघुती. इस त्योहार से नई फसल और नई ऋतु का आगमन होता है