छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध रेत खनन की खबर बनाने गए पत्रकारों को रेत माफिया ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और 2 बार हवाई फायरिंग की। माफिया के गुर्गों ने पहले पत्रकारों से बहस की, फिर कैमरा और आईडी कार्ड छीना..। मामला राजिम थाना क्षेत्र के पैरी नदी के पितईबंद रेत घाट का है।
वारदात के वक्त किसी तरह जान बचाकर भाग रहे पत्रकारों ने वीडियो बनाया है, जिसमें वह खून से सने दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रहा है कि 3 लोग दौड़ रहे हैं। वह वीडियो में कह रहे हैं कि रेत माफिया ने हमला किया है। प्रशासन पत्रकारों को बचाए। वीडियो करीब 14 सेकेंड का है..।..रेत माफिया की गुंडागर्दी को लेकर पत्रकार आईडी माइक सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए..और रेत माफिया को सरंक्षण देने वाले जिले के खनिज अधिकारियों और रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे ।
दरअसल, सोमवार को गरियाबंद के पत्रकार इमरान मेमन, थानेश्वर साहू और जितेंद्र सिन्हा समेत 4-5 निजी चैनल के पत्रकार अवैध रेत खनन की सूचना पर कवरेज करने गए थे। इस दौरान पत्रकारों ने पितईबंद के अवैध रेत खदान पहुंचकर वीडियो बनाए।..साथ ही अवैध परिवहन में लगे वाहनों को पकड़ने के लिए जिला खनिज अधिकारी को सूचना दी। इस दौरान माइनिंग की टीम नहीं पहुंची। खनिज विभाग के अधिकारियों की जगह खदान संचालक के 7-8 हथियारों से लैस गुर्गे वहां आ गए….और पत्रकारों को देखकर भड़क गए। उन लोगो ने 2 बार हवाई फायरिंग कर मारने लगे इसी बीच पत्रकार इमरान के सिर पर लोहे के हथियार से वार कर दिया जिससे उनके सिर से खून भी बहने लगा।
पत्रकार खून से सने हालात में मौके से जान बचाकर भागने लगे। गुर्गों ने बाइक और स्कूटी से उनका पीछा किया। पत्रकार अपनी जान बचाने के लिए खेतों में छिप गए..। इस दोरान पत्रकारों ने वीडियो बनाकर गरियाबंद के प्रशासनिक ग्रुप में शेयर कर दिया । इसके बाद अधिकारी वीडियो देखकर एक्टिव हुए..।कलेक्टर भगवान सिंह यूके ने तुरंत एसडीएम को घटनास्थल के लिए रवाना किया।..एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि राजिम पुलिस और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर गई थी। पत्रकारों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बताया जाता है पुलिस के द्वारा हमलावरों के खिलाफ मामूली धाराओं के तहत FIR किया जिससे पत्रकार भड़क गए और राजिम के सुंदर लाल शर्मा चौक पर धरने पर बैठ गए । पत्रकारो की मांग हैं कि जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों और जिनके इशारे में वारदात को अंजाम दिया गया, उन सभी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए।इसके साथ ही सभी अवैध रेत खदानों को बंद कर जिला खनिज अधिकारी को तत्काल हटाकर उस पर कार्रवाई की जाए ह।
बता दें कि पैरी और महानदी में सिर्फ 4 रेत खदानों का लाइसेंस है। 12 रेत खदान अवैध तरीके से चल रहे हैं। पितईबंद रेत घाट पत्रकारों से मारपीट हुई, वहां बिना लाइसेंस रेत खनन हो रहा है। आरोप है कि भाजपा नेता के सरंक्षण में राजिम क्षेत्र में 17-18 घाटों में अवैध रेत खनन किया जा रहा है।
गरियाबंद में सालभर पहले पत्रकार नागेंद्र निषाद पर परसदा जोशी रेत खदान में में हमला हुआ था। कवरेज के दौरान पिटाई की गई थी, जिसकी शिकायत राजिम थाने में हुई थी।