शनिवार को संविदाकर्मियों ने खून से लिखकर अपने नियमितीकरण की मांग को प्रशासन के सामने रखा। नवा रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल में 20 दिनों से संविदाकर्मियों का आंदोलन जारी है। अब खून से ज्ञापन लिखकर कर्मचारियों ने विरोध जताया है।
खून से ये ज्ञापन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए लिखा गया है। बालोद से आई एक दिव्यांग महिला संविदा कर्मचारी उमेश्वरी देशमुख के खून से राहुल गांधी को चुनावी घोषणा पत्र के वादे को याद दिलाने के लिए पत्र लिखवाया। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की अपील की।

आमरण अनशन के बाद महिलाओं के द्वारा धरना स्थल में अपना खून से नियमितिकरण का पत्र लिखकर राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा अपने जो बिंदु क्रमांक 11 में नियमितिकरण का वादा किया था, उससे तत्काल पूर्ण करें। जिस प्रकार प्रियंका गांधी जी ने संविदा प्रथा को अभिशाप बताया था, उसी संविदा प्रथा को समाप्त करने हेतु उनके नाम से खून से पत्र लिखा गया ।
उमेश्वरी देशमुख ने कहा कि मैं प्रतिदिन बालोद से रायपुर तूता मैदान आती हूं। राहुल गांधी जी को याद दिलाना चाहती हूं कि आपने हमसे 2018 चुनाव के पूर्व वादा किया था। जिसके कारण हमने कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में बनाई, लेकिन पौने पांच साल बाद भी हमारी नियमितिकरण का वादा अधूरा है। मैं आपसे निवेदन करती हूं कि हमारे प्रति सहानुभूति पूर्वक निर्णय लें।
अस्पताल पहुंचे मगर अनशन जारी
दो संविदाकर्मियों की आमरण अनशन करते तबीयत बिगड़ गई। इन कर्मचारियों का इलाज चल रहा है। फिर से अब 5 संविदा कर्मचारी दीपक गुरुवंशी, उत्तम सोनी, प्रेम कुमार यादव, प्रकाश जाधव, करण लावत्रे आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने कहा कि एक-एक कर्मचारी अब आर-पार के मूड में हैं।