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tilda,श्री भक्तमाल कथा का कलयुग में बहुत महत्व है,यह कथा कलयुग में भक्ति का संदेश देती है:हरिवंश दास

तिल्दा नेवरा:कुर्मी बोर्डिंग,छात्रावास तिल्दा नेवरा में जीवन ज्योति रक्तदान सेवा समिति व सोमनाथ सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में चल रही पांच दिवसीय श्री भक्तमाल कथा के चौथे दिन बुधवार को  कथा में संगीतमयी भजनों को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो गए।वृंदावन धाम से पधारे आचार्य हरिवंशदास जी महाराज ने मातृभूमि की महिमा का व्याख्यान करते हुए कहा कि भारत की भूमि पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ,भगवान श्री कृष्ण,श्रीगौतम,श्री गुरु नानक देव के साथ अन्य कई महान महापुरुषों ने जन्म लिया और आज पूरे विश्व मे पूजे जाते है  ,हमारा सौभाग्य है जो हमे इस चंदन सी मिट्टी कीतपो भूमि में जन्म का सुअवसर मिला है।

भक्तमाल कथा की गाथा का प्रसंग का रसपान करते हुए महाराज ने कहा कि भक्तमाल कथा का कलयुग में बहुत महत्व है।जहां दूसरी कथा मोक्ष का ज्ञान देती है, वहीं भक्तमाल कथा कलयुग में भक्ति का संदेश देती है। भगवान प्रत्येक घर में अलग रूप  में विराजमान है,सभी लोग भगवान कि पूजा करते है,उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भक्त घर में पूजा करते है उसी तरह अगर भक्त घर बैठे भी भाव से भक्तमाल कथा को सुनता है तो उसको यहां कथा स्थान पर आने जितना फल मिलता है।

,जब तक भगवान भक्तमाल की कथा श्रवण नही करते तब तक नींद नही आती है,अधूरी ही रह जाती है, इसलिए प्रत्येक मनुष्य को भक्ति बढ़ाने व भगवान को प्रशन्न करने के लिए भक्तमाल की निरन्तर पाठ करते रहना चाहिए यह नियम परिवार व समाज को समृद्ध व सुखी प्रदान करने की संजीवनी बूटी है।भक्तमाल कथा भगवान के भक्तों की कथा है जिसे भगवान इस कथा गायन के लिए आतुर रहते है।पुण्यदायी व फलदायी कथा इस क्षेत्र में होना वास्तव में साधुवाद है।
प्रतिदिन श्रद्धलुओ द्वारा कथा आयोजन में बढ़चढ़कर स्वेच्छा से प्रसाद में सहयोग व आयोजक समिति को कथा आयोजन हेतु अंशदान कर रहे है जो सराहनीय व प्रंशसनीय है।

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