राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के अधिकार और सशक्तिकरण पर दिया जोर..
तिल्दा नेवरा -एकीकृत बाल विकास परियोजना तिल्दा के तत्वाधान बालिका दिवस का आयोजन किया गया। यह दिवस प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को देशभर में बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। तिल्दा जनपद सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में ज़िला पंचायत सदस्य स्वाति बर्मा, जनपद उपाध्यक्ष दुलारी वर्मा,जनपद सदस्य -गीताजालि घृत्तलहरे,सरोज भरद्वाज, तिल्दा नपा पार्षद रानी सौरभ जैन पारुल अग्रवाल ने मां सरस्वती प्रतिमा में माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर अतिथियों ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत बालिकाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां समाज की शक्ति और भविष्य की नींव हैं।वक्ताओं ने बालिकाओं के अधिकार शिक्षा और लैंगिक समानता पर जोर देते हुए अधिकार शिक्षा स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात खी ..

जिला पंचायत सदस्य स्वाति वर्मा ने कहा समाज में समानता लाने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत की थी। स्वाति ने कहा बेटी कुदरत का अनमोल उपहार है उसे जीने और आगे बढ़ने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए .उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सपनों को साकार करने के लिए समाज को उन्हें प्रोत्साहित करना होगा तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त कर सकारात्मक सोच विकसित करनी होगी .उन्होंने कहा जहां समानता होती है वही वास्तविकता विकास संभव है .उन्होंने बालिकाओं को अपने स्वास्थ्य तथा पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए अपने अध्यापन में उत्कृष्टता प्राप्त करने को कहा।

पार्षद रानी सौरभ जैन ने कहा बेटियां हमारे समाज की आधारशिला है .आज बेटिया किसी से कम नहीं है वे परिवार और समाज की नीव होती है. तथा वंश परंपरा को आगे बढाती है उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा खेल राजनीति और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत व लगन से सफलता प्राप्त कर अपने परिवार समाज देश का नाम रोशन कर रही है..उन्होंने कहा बेटियों का हमारे देश इतहास रहा है.रानी लक्ष्मी बाई, देवी अहिल्या, जीजा बाई जैसे अनेक उदाहरण हैं इन मातृशक्तियों ने राष्ट्र की बागडोर संभाली और नेतृत्व भी किया।
परियोजना अधिकारी रंजना ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य समाज में फैली कुर्तियां को दूर कर सकारात्मक सोच विकसित करना है ताकि बालिकाओं को सम्मान महत्व और सम्मान मिल सके.इसके पहले कार्यक्रम में आए अतिथियो का आयोजको ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर 10 वीं कक्षा में अध्यापन में उत्कृष्ट श्रेणी से उत्तीर्ण हुए विद्यार्थीयो को पुरस्कृत किया गया, आंगनबाडी के बालिकाओं को अतिथियों द्वारा पोषण टोकरी देकर बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया कार्यक्रम में पर्यवेक्षक कमलेश लकडा पार्वती वर्मा, स्मिता परगनिहा प्रीयंका तिवारी, गंगोत्री वर्मा ,अपराजिता सिंग, नीतू जायसवाल, श्री छोटेलाल नोर्गे उपस्थित थे

