दुर्ग-छत्तीसगढ़ में सरकारी गोदामों से धान गायब होने के मामले को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने दुर्ग में चूहों की बारात निकालकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार बड़े पैमाने पर हुए धान घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहरा रही है।कांग्रेस की यह प्रतीकात्मक बारात राजीव भवन (कांग्रेस कार्यालय) से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय तक निकाली गई। इस दौरान कार्यकर्ता बाराती बने और ढोल-नगाड़ों और बाराती गीतों पर जमकर नाचते नजर आए। कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिंदा चूहों को जाली में कैद कर प्रदर्शन किया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और साथ में जिंदा चूहा भी दिया।

दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में बारात के कलेक्ट्रेट पहुंचने पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही जिंदा चूहे भी सौंपे गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार जिस तरह धान गायब होने के लिए चूहों को दोषी ठहरा रही है, उसी तर्क के तहत वे चूहे प्रशासन को सौंप रहे हैं।
इस दौरान दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा, कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू समेत तमाम बड़े नेता शामिल थे।
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने भाजपा सरकार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कवर्धा जिले में करीब 7 करोड़ रुपए और महासमुंद जिले में लगभग 5 करोड़ रुपए का धान गायब हुआ है। यह कोई छोटी चूक नहीं, बल्कि बड़ा घोटाला है। सरकार अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए चूहों को जिम्मेदार ठहरा रही है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने अपने घोटाले का ठीकरा बेजुबान जानवरों पर फोड़ा है। अगर सच में चूहों ने धान खा लिया, तो फिर गोदामों की सुरक्षा, निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या थी? धान ठिकाने लगाने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।
कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक स्वतंत्र एजेंसी से जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। अभी ईडी और सीबीआई इस मामले में जांच नहीं कर रही है, जबकि कांग्रेस के बयान को भी अपराध मानकर ईडी और सीबीआई कार्रवाई करने लगती है।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

