शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा से मुलाकात कर शीघ्र पद स्थापना की मांग.शिक्षा संचालक को भी सौपा गया मांग पत्र
तिल्दा नेवराराज्य स्तर पर शिक्षक एलबी संवर्ग की व्याख्याता पद पर पदोन्नति छत्तीसगढ़ राजपत्र 2019 के प्रावधानों के अनुसार दिसंबर माह में जारी की गई है। इस ऐतिहासिक पदोन्नति से समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग में हर्ष है। लंबे समय से लंबित इस प्रक्रिया के पूर्ण होने पर शिक्षकों द्वारा शासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में शिक्षा कर्मियों का शिक्षा विभाग में संविलियन हुआ था। इसके पश्चात 31 दिसंबर 2021 को छत्तीसगढ़ राजपत्र के माध्यम से पदोन्नति हेतु तीन वर्ष की छूट प्रदान की गई थी। इस छूट के अंतर्गत सहायक शिक्षक से प्राथमिक प्रधान पाठक तथा शिक्षक से पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रधान पाठक के पदों पर कई बार पदोन्नतियां की जा चुकी हैं। किंतु शिक्षक एलबी संवर्ग से व्याख्याता पद पर यह पहली पदोन्नति है।

राजपत्र 2019 के अनुसार व्याख्याता पदों में 50 प्रतिशत पद शिक्षक एलबी संवर्ग तथा 50 प्रतिशत पद शिक्षक ई संवर्ग से भरे जाने का प्रावधान है। इसी के अनुरूप दोनों संवर्गों की वरिष्ठता सूची पृथक-पृथक बनाई गई है। वर्तमान में शिक्षक ई संवर्ग का स्थानांतरण संबंधी मामला लंबित होने के कारण केवल शिक्षक एलबी संवर्ग के 50 प्रतिशत पदों पर व्याख्याता पदोन्नति सूची जारी की गई है। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2022 में केवल शिक्षक ई संवर्ग की डीपीसी आयोजित की गई थी, जबकि उस समय भी शिक्षक एलबी संवर्ग पदोन्नति के लिए पूर्णतः पात्र थे। अतः वर्तमान में आयोजित डीपीसी पूरी तरह नियमसम्मत एवं राजपत्र के अनुरूप है।
इस पदोन्नति प्रक्रिया में व्याख्याता के 12 विभिन्न विषयों में कुल 1083 शिक्षकों को पदोन्नत किया गया है। वर्ष 2005 से एक ही पद पर लगातार लगभग 20 वर्षों तक सेवाएं दे रहे अनेक शिक्षकों को आज उनका अधिकार प्राप्त हुआ है। समस्त पदोन्नत शिक्षकों द्वारा शीघ्र पदस्थापना हेतु काउंसलिंग आयोजित करने की मांग शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा संचालक से की गई है। बावजूद कुछ शिक्षक संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो तथ्यहीन है।
जब शिक्षक (नियमित) एवं शिक्षक एलबी संवर्ग का व्याख्याता पद पर पदोन्नति कैडर एवं ग्रेडेशन सूची ही अलग-अलग है, तो एक ही डीपीसी करना संभव नहीं है। दोनों संवर्गों के लिए पद भी पृथक निर्धारित हैं। अतः विभाग द्वारा की गई डीपीसी पूर्णतः वैधानिक, न्यायसंगत एवं नियमानुसार है। तिल्दा प्रवास के दौरान मंत्री टंकराम वर्मा को भी इस विषय में तथ्यात्मक रूप से अवगत कराया गया है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन विकासखंड तिल्दा के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद वर्मा के साथ-साथ चित्रसेन वर्मा, विरेंद्र कुमार टंडन, योगेश कुमार वर्मा, जानकी दुलारी वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों उपस्थित थे.

