बिलासपुर-छत्तीसगढ़ में गुंडे बदमाशों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं, अब तो बदमाश पुलिस पर भी हमनले करने लगे हैं, बिलासपुर में चार-पांच बदमाशों ने मिलकर एक कांस्टेबल पर बीच सड़क लाठी और रॉड से हमला कर दिया बदमाशों के हमले से आरक्षक सतीश कुमार लोधी का सिर फट गया हमले में खून से लथपथ घायल आरक्षक और उसका दोस्त भाग कर सिटी कोतवाली थाना पहुंचे, जहां उसने पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। थाने से उसे अस्पताल पहुंचाया गया । इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला सिटी कोतवाली

मिली जानकारी अनुसार 4 बदमाश स्कूटी में सवार होकर आए और सतीश को टक्कर मारी। जिसके बाद वे शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने लगे। जब उसने पैसे देने से मना किया तो उसे दौड़ा-दौड़ाकर मारा। तब सतीश अपनी जान बचाकर भागा। वारदात के बाद पुलिस ने 2 बदमाशों को पकड़ लिया है। जबकि, उसके दो साथी फरार हैं।
सतीश कुमार लोधी पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत है। उसकी पोस्टिंग जिला न्यायालय में है। सोमवार को आरक्षक सतीश कुमार लोधी अपने दोस्त आनंद वर्मा के साथ शाम 4 बजे घर जा रहा था। तभी सदर बाजार स्थित करोना चौक के पास यह वारदात हुई।दो युवक बाइक से उतरकर आरक्षक और उसके दोस्त से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। आरक्षक ने विरोध करते हुए पैसे देने से मना किया, तब युवकों ने गाली देते हुए रॉड और लाठी से आरक्षक और उसके साथी पर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस बीच उसके 2 अन्य साथी भी आ गए। जिन्होंने आरक्षक और उसके दोस्त की बेरहमी से पिटाई की। इस दौरान आरक्षक को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। युवकों की दबंगई और मारपीट के चलते बीच बाजार में भगदड़ मच गई खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने सैफुल और मनोज वर्मा को पकड़ लिया। वहीं, सैफुल के भाई समेत दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, करोना चौक निवासी आरोपी फैजुल हक और उसका भाई सैफुल हक दोनों आदतन बदमाश हैं। होली के पहले ही दोनों हथियार के साथ पकड़े गए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा था। बाद में दोनों जेल से छूट गए थे, जिसके बाद उन्होंने फिर से गुंडागर्दी शुरू कर दी।
इस घटना के बाद सैफुल हक और मनोज वर्मा को पुलिस ने पकड़ा है। फैजुल हक और एक अन्य अभी भी फरार है। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को सिटी कोतवाली थाने से जिला न्यायालय तक पैदल मार्च कराया।